पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट, नातरे के विवाद में पत्थर से कुचलकर की थी निर्मम हत्या
शब्द अग्नि/ धार। पर्यटन नगरी मांडू क्षेत्र के उण्डाखो के जंगलों में मिली अज्ञात लाश के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है, पूरा मामला नातरा प्रथा करवने के नाम पर एक युवक को बुलाकर सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या करने का निकला है, पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।
जंगलों में मिली थी पत्थरों से कुचली लाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 अप्रैल को उण्डाखो के घने जंगलों में ग्रामीणों को एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला था। हत्यारे ने पहचान छुपाने के इरादे से मृतक का चेहरा और सिर पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था। माण्डव पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और अज्ञात आरोपी के खिलाफजघन्य हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
तकनीकी साक्ष्यों से हुई मृतक की पहचान
केस अंधा था और पुलिस के पास न तो मृतक की पहचान थी और न ही कातिल का कोई सुराग। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धार सचिन शर्मा, एएसपी विजय डावर और एसडीओपी धामनोद मोनिका सिंह के मार्गदर्शन में माण्डव थाना प्रभारी इंदलसिंह रावत की टीम और साइबर सेल धार ने जाल बिछाया। घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले मृतक की पहचान भेरूलाल पिता मूलचंद मुनिया निवासी मुल्थान थाना बदनावर के रूप में हुई।
फिर जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट
पुलिस की कड़ाई से की गई विवेचना में सच सामने आया, जांच में पता चला कि आरोपी करण पिता तेरसिंह बघेल निवासी पिपलीमाल, हाल मुकाम बामनपुरी ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। 4 अप्रैल को आरोपी करण ने भेरूलाल को नातरा प्रथा करवाने का लालच देकर बदनावर से बस द्वारा धार बुलाया। करण खुद मोटरसाइकिल लेकर धार पहुंचा और भेरूलाल को बैठाकर माण्डव होते हुए बामनपुरी अपने घर ले गया।
नातरे को लेकर दोनों में हुआ था विवाद
बामनपुरी में दोनों के बीच नातरे की बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्साए करण ने भेरूलाल को ठिकाने लगाने उसे उण्डाखो के सुनसान जंगलों में ले गया और पत्थरों से पीट-पीटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी करण बघेल को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को जिला जेल धार भेज दिया गया है।
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में माण्डव थाना प्रभारी निरीक्षक इंदलसिंह रावत, एएसआई भेरूसिंह देवड़ा, प्रधान आरक्षक मनोहर निंगवाल, आरक्षक जितेंद्र कन्नोजे, आरक्षक सुशील किराड़े, महिला आरक्षक सपना जमरे और धार साइबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।
Author: Shabd Agni
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