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June 12, 2026 4:13 am

धार : वीरान पहाड़ी को हरा भरा करेगा वन विभाग

लगायेगा पांच हजार पौधों बनेगा हरित कवच डीआरपी लाइन में बनेगा मिनी फॉरेस्ट, शुरू की मेगा ग्रीन परियोजना।

शब्द अग्नि / धार / पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में धार वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। वर्षों से बंजर और विराण पड़ी पहाड़ी को अब हरियाली की चादर ओढ़ाने की तैयारी की जा रही है। विभाग द्वारा डीआरपी लाइन क्षेत्र में करीब पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे, जिससे यहां एक मिनी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। यह शहर के बढ़ते तापमान और गिरते भूजल स्तर की चुनौती से निपटने के लिए वन विभाग एक नई पहल शुरू की है। वन मंडल अधिकारी ,डीएफओ विजयानंथम टी.आर.और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के संयुक्त प्रयासों से डीआरपी लाइन परिसर में इस वर्षा ऋतु के दौरान 5 हजार पौधों का वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 10 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित कवच विकसित किया जाएगा, जो आने वाले वर्षों में शहर के लिए ऑक्सीजन बैंक का काम करेगा।

स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों के पौधे:
वन विभाग के अनुसार पौधारोपण अभियान के तहत स्थानीय जलवायु के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था भी की जाएगी ताकि अधिकतम पौधे जीवित रह सकें और क्षेत्र में स्थायी हरियाली विकसित हो सके। जिसमे अभियान में बरगद, पीपल,नीम, आंवला,बेलपत्र सहित 20 से अधिक स्थानीय प्रजातियों का रोपण किया जाएगा। इससे हरियाली बढ़ने के साथ पक्षियों और वन्य जीवों के लिए भी प्राकृतिक आवास तैयार होगा। वन विभाग का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक घने हरित वन के रूप में विकसित होगा, जो शहर के लिए प्राकृतिक फेफड़ों की भूमिका निभाएगा। साथ ही यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

जीवों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध होगा:
इस परियोजना का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता संरक्षण और शहर के आसपास हरित आवरण बढ़ाना भी है। मिनी फॉरेस्ट बनने से क्षेत्र में पक्षियों और अन्य जीवों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध होगा, वहीं स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और हरित प्राकृतिक स्थल का लाभ मिलेगा। वन विभाग की ‘विस्तार वानिकी परियोजना’ के अंतर्गत फलदार, औषधीय, छायादार और मिश्रित प्रजातियों के पौधे लगाएजाएंगे। डीएफओ विजयानंथम टी.आर. ने बताया कि वन विभाग अगले तीन वर्षों तक पौधों की सुरक्षा और देखरेख करेगा। परियोजना का उद्देश्य अगले चार वर्षों में क्षेत्र का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम करना तथा भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।

17 जून तक भेज सकेंगे नाम:
परियोजना को पहचान देने के लिए वन विभाग ने नामकरण प्रतियोगिता भी शुरू की है। नागरिक पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की भावना से जुड़े हिंदी नाम 17 जून तक गूगल फॉर्म के माध्यम से भेज सकते हैं। चयनित नाम को परियोजना की आधिकारिक पहचान बनाया जाएगा और विजेता को 1500 रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वन विभाग ने नागरिकों से अभियान में सहभागी बनकर धार को अधिक हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की अपील की है

पांच हजार पौधों रोपण:
धार शहर में अब हरियाली की नई पहचान बनने जा रही है। धार वन विभाग द्वारा डीआरपी लाइन क्षेत्र में 5 हजार पौधों का रोपण कर मिनी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर को हरित कवच देने और भूजल स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विजयानंथम टी.आर. डीएफओ धार

यह खास बातें :
•डीआरपी लाइन क्षेत्र में विकसित होगा मिनी फॉरेस्ट •पांच हजार पौधों का किया जाएगा रोपण
•विराण पहाड़ी को मिलेगा हरित कवच
•पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा
•शहर को मिलेगा नया हरित क्षेत्र और स्वच्छ वातावरण
• पक्षियों और वन्य जीवों को मिलेगा नया आवास

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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