पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति एवं बिक्री के लिए केंद्र सरकार ने जारी किया नया विनियमन आदेश
शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़
बालाघाट – जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर के ठाकुर ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहे प्रभाव तथा कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की असामान्य मांग को देखते हुए ईंधन की उपलब्धता और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
खुदरा पेट्रोल पंपों से थोक खरीद पर रोक
नए आदेश के अनुसार संस्थागत, औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपभोक्ता अब खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या डीजल की खरीद नहीं कर सकेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति केवल अपने उपभोक्ता पंपों के माध्यम से करनी होगी।
एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल
आदेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि खुदरा विक्रय केंद्र (पेट्रोल पंप) डीजल की बिक्री केवल वाहन के टैंक अथवा पीईएसओ (PESO) से अनुमोदित कंटेनरों में ही करेंगे। साथ ही किसी एक ग्राहक अथवा वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा। खरीदा गया डीजल पुनः बिक्री के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
तेल कंपनियों को अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश
सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों को दरकिनार करने की कोशिशों को रोकने के निर्देश दिए हैं।
90 दिनों तक रहेगा प्रभावी
आदेश के तहत जारी किसी भी प्रतिबंधात्मक निर्देश की प्रारंभिक वैधता अधिकतम 90 दिनों तक रहेगी अथवा सरकार द्वारा उसे वापस लेने तक लागू रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकृत अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा तेल कंपनियों के अधिकृत अधिकारी निरीक्षण, तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई भी कर सकेंगे। इस आदेश से आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा जमाखोरी, कालाबाजारी और आपूर्ति के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
Author: Shabd Agni
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