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June 13, 2026 5:25 am

डीएसआर तकनीक को मिल रहा किसानों का समर्थन

 

कई विकासखंडों में सुपर सीडर से हुई धान की बुवाई

शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़

बालाघाट – कृषि विभाग ने धरती माता बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, हरी खाद एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया जागरूक, खरीफ सीजन 2026 में कृषि विभाग द्वारा धान उत्पादन की आधुनिक एवं जल संरक्षण आधारित डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में विभिन्न विकासखंडों के किसानों द्वारा सुपर सीडर एवं सीड ड्रिल जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से धान की सीधी बुवाई की जा रही है। किसानों को डीएसआर तकनीक के लाभों, प्राकृतिक खेती तथा मृदा संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

भरवेली, देवरी और भण्डारपुर में डीएसआर से हुई धान की बुवाई

दिनांक 11 जून 2026 को बालाघाट विकासखंड के ग्राम भरवेली में डीएसआर पद्धति अपनाने के लिए चयनित किसानों को सुपर सीडर उपलब्ध कराया गया। इस यंत्र की सहायता से लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में धान फसल की बुवाई डीएसआर विधि से की गई। इसी प्रकार विकासखंड बिरसा के ग्राम देवरी एवं भण्डारपुर में कृषक श्री बालकृष्ण तुरकर एवं श्री देवसिंह पटले के कुल 5 हेक्टेयर क्षेत्र में डीएसआर पद्धति से धान की बोनी कराई गई। कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि डीएसआर तकनीक से कम पानी, कम श्रम एवं कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है तथा यह जल संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है।

लालबर्रा क्षेत्र में किसानों ने दिखाई विशेष रुचि

विकासखंड लालबर्रा के ग्राम नेवरगांव (व.) में पांच किसानों—श्री लेखेंद्र बोपचे, श्री लेखेंद्र चौधरी, श्री सुखराम भगत, श्री शिवराम बोपचे एवं श्री बंशीलाल हरिनखेड़े द्वारा लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में काला धान प्रतिरोधी फुल पैकेज के अंतर्गत बुवाई का कार्य किया गया। वहीं ग्राम पाथरी के किसानों द्वारा 4 हेक्टेयर क्षेत्र में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर तकनीक से धान की बुवाई की गई।

 

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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