बेटी की विदाई बनी पूरे समाज की जिम्मेदारी
शब्द अग्नि अनुराग बजाज
बेटी की शादी हर पिता का सबसे बड़ा सपना होती है, लेकिन जब जेब खाली हो और जिम्मेदारियां सिर पर हों, तो यही सपना सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। दमोह जिले के आंजनी बेलखेड़ी गांव निवासी अत्यंत गरीब जीवन बंसल भी ऐसी ही चिंता में डूबे हुए थे। उनकी बेटी छोटी बंसल की शादी 20 जून को तय थी, लेकिन आर्थिक तंगी इतनी थी कि बेटी को विदाई के समय देने के लिए जरूरी गृहस्थी का सामान जुटाना भी उनके लिए असंभव हो गया था। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि हटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। उम्मीद की आखिरी किरण लेकर जीवन बंसल हटा थाने पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई। थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने उनकी पूरी बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि बेटी की विदाई सम्मान के साथ होगी।
टीआई बेगी ने पहले बैजनाथ उदेनिया के माध्यम से परिवार की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई। इसके बाद हटा क्षेत्र के समाजसेवियों से सहयोग की अपील की। उनकी इस पहल का ऐसा असर हुआ कि समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए आशीष पुरानी, सुरेंद्र अग्रवाल, सरपंच भगवान सिंह लोधी, कमल सिंह लोधी, दिलावर, सोनू साहू, शीतल साहू, रवि विश्वकर्मा, राजेश यादव, अजय चौरसिया सहित अनेक समाजसेवी आगे आए और छोटी बंसल की शादी के लिए सोफा सेट, पलंग, ड्रेसिंग टेबल, अलमारी, कूलर, पंखा, बर्तन, कपड़े तथा गृहस्थी का लगभग पूरा आवश्यक सामान भेंट किया। समाजसेवियों ने नवदंपती के सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं भी दीं। एक गरीब पिता की बेबसी को सम्मानजनक विदाई में बदलने वाली यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल बन गई। जहां अक्सर पुलिस की चर्चा कानून व्यवस्था तक सीमित रहती है, वहीं हटा पुलिस परिवार ने यह साबित किया कि वर्दी का सबसे सुंदर चेहरा संवेदनशीलता और मानवीय सेवा भी है।
Author: Shabd Agni
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