एमपी में बढ़ सकती हैं 15 नई लोकसभा सीटें, भोपाल-इंदौर समेत कई क्षेत्रों का बदलेगा चुनावी नक्श
शब्द अग्नि / यासिर पठान भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रस्तावित परिसीमन (डिलिमिटेशन) के तहत प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 29 से बढ़कर 44 किए जाने का सुझाव सामने आया है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो राज्य को **15 नई लोकसभा सीटें** मिलेंगी, जिससे कई संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

प्रस्तावित मॉडल के अनुसार भोपाल, इंदौर, धार, रतलाम, बालाघाट, मंडला, ग्वालियर और भिंड जैसे बड़े संसदीय क्षेत्रों का पुनर्गठन कर नई सीटें बनाई जा सकती हैं। इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ती आबादी और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना बताया गया है।
अब तक नहीं हुआ परिसीमन
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में लंबे समय से लोकसभा सीटों का परिसीमन नहीं हुआ है, जबकि जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधित्व बढ़ाने और बड़े संसदीय क्षेत्रों का भार कम करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
अभी अंतिम फैसला नहीं
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फिलहाल एक प्रस्तावित मॉडल है। लोकसभा सीटों में वृद्धि और नए परिसीमन पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार, जनगणना और परिसीमन आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। इसलिए अभी इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
Author: Shabd Agni
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