अंतिम विदाई में राष्ट्रपति समेत कई शीर्ष नेता पहुंचे ईरान में उत्तराधिकार को लेकर बढ़ी चर्चा
शब्द अग्नि / नई दिल्ली तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद देश की राजनीति में नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है। हजारों लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी, जबकि ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे। हालांकि समारोह में उनके बेटे और वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी रही।
तीन बेटे हुए शामिल, मोजतबा नहीं पहुंचे
अंतिम संस्कार की रस्मों में अली ख़ामेनेई के अन्य बेटे मसूद, मुस्तफ़ा और मैसम मौजूद रहे। उनके साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ अधिकारी अहमद वाहिदी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। लेकिन मोजतबा ख़ामेनेई के न आने से कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
स्वास्थ्य को लेकर जारी हैं अटकलें
मोजतबा ख़ामेनेई की गैरमौजूदगी के बाद उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ रिपोर्टों और चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि हालिया अमेरिका-इज़राइल हमलों के दौरान उन्हें भी चोट लगी थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी प्रशासन की ओर से भी कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया गया है।
सुप्रीम लीडर बनने के बाद नहीं हुए सार्वजनिक
बताया जा रहा है कि मार्च में सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से मोजतबा ख़ामेनेई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए हैं। उनकी लगातार अनुपस्थिति ने ईरान के राजनीतिक हलकों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के बीच कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है।
1989 से संभाली थी देश की सर्वोच्च धार्मिक जिम्मेदारी
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने वर्ष 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में देश का नेतृत्व किया था। उनके लंबे कार्यकाल के दौरान ईरान की आंतरिक राजनीति, विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में उनकी निर्णायक भूमिका रही। उनके निधन के बाद अब देश का राजनीतिक नेतृत्व और भविष्य की रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
Author: Shabd Agni
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