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June 18, 2026 12:04 am

धार वन विभाग की तबादला सूची पर उठे सवाल

 कर्मचारियों में नाराजगी। सालों से जमे आज भी वहीं।

एक ही रेंज में फेरबदल से पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह, कई वन रक्षकों के तबादलों को बताया औपचारिकता

शब्द अग्नि ।धार। वन विभाग धार की हाल ही में जारी तबादला सूची को लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक सुधार और कार्य में पारदर्शिता लाना होता है, लेकिन जारी सूची में कई वन रक्षकों को केवल एक बीट से दूसरी बीट में या उसी रेंज के भीतर स्थानांतरित किया गया है। इससे तबादला प्रक्रिया की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। सूची के अनुसार गौरव तिवारी को सियारी बीट से धार रेंज में ही दूसरी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि नवीन बीट नानाघाटा जो धार रेज के भीतर ही स्थानांतरण हुआ है। इसी तरह सतीश शर्मा को टांडा की टांडा बीट से जूनापानी बीट भेजा गया है। प्रताप गोयल का सुल्तानपुर से बोरदी, राकेश चौधरी का बजारी से सुलीबड़ी तथा पतल भारती का तिरगारा से राजोद बीट में स्थानांतरण किया गया है, जो सभी अपने-अपने रेंज क्षेत्र में ही हैं।

कर्मचारियों ने उठाए निष्पक्षता के सवाल:
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को दूरस्थ रेंजों में भेजने के बजाय केवल बीट बदलना तबादला नीति की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता। मनीष गेहलोद, दिलीप बघेल, विजेंद्र पाल और महेश डाबर के स्थानांतरण भी सीमित दायरे में किए गए हैं। वहीं अधिकांश वन रक्षकों में आवेदन किया था उसके अनुरूप भी उनका तबादला नहीं किया गया। कुछ कर्मचारी को जहां पदस्थ से उनकी बीट से दूर तबादला कर दिया।

कार्यालय में आज भी कुंडली मार कर बैठे कर्मचारी:
जिले के वनमंडल में वन रक्षकों से कार्य लिए जा रहा जो नियम के विपरीत है वही विभाग से पूर्ण में आदेश जारी किया था कि किसी वनरक्षक कार्यालय में कार्य ना करवा कर जंगल में कार्य करवाया जाए मगर वनमंडल के साथ जिले की रेंजों में वन रक्षक आज भी सालों से जमे जिसमें धार रेंज में सोनाली हेंड, के साथ सरदारपुर में कीर्ति डामोर के साथ एसडीओ कार्यकाल में किरण परमार पदस्थ तो अन्य रेंजों में वनकर्मी सालों से सेवा दे रहे हैं। वहीं धार वन मंडल में तो कही सालों से तो कर्मचारी तो बरसों से स्टोनो शाखा में पदस्थ है तो कुछ अन्य शाखाओं में जिनको आज तक जंगल में नौकरी तक नहीं की।

विभागीय गलियारों में चर्चा तेज:
तबादला सूची जारी होने के बाद विभागीय गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कर्मचारी संगठन इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारीयो का कहना हे कि अभी तक जब से नौकरी कर रहे इस तरह की लिस्ट नहीं निकली है।

संगठन मांगेंगे जवाब
तबादला सूची जारी होने के बाद विभागीय चर्चाएं तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठन वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कर्मचारियों का कहना है कि सेवा काल में उन्होंने पहली बार इतनी विवादित और असंतुलित तबादला सूची देखी है। वहीं धार जिला आदिवासी बाहुल्य होने के बाद यहां को नेताओं को तवज्जो नहीं दी गई

तबादलों में नियमों का पालन किया गया, कार्यालयीन स्टाफ की कमी चुनौती: डीएफओ
धार वनमंडल में हुए तबादलों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच डीएफओ विजयानंथम टी.आर. ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण प्रक्रिया नियमानुसार की गई है। उन्होंने बताया कि विभागीय नियमों के अनुसार कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकते हैं। वनमंडल में 29 कर्मचारियों में से निर्धारित सीमा के अनुरूप ही स्थानांतरण किए गए हैं। डीएफओ ने कहा कि कार्यालय में केवल 13 कर्मचारी कार्यरत हैं और स्टाफ की कमी के कारण उड़नदस्ता दल के कर्मचारियों से भी अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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