हरिजन चक्क से मरघट शाला तक बनी सीसी रोड एक साल में ही हुई जर्जर, निकल रही गिट्टिया
शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार
अशोकनगर। जनपद पंचायत मुंगावली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोरा में इन दिनों विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का खेल चल रहा है। पंचायत क्षेत्र में हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की धज्जियां इस कदर उड़ाई गई हैं कि लाखों रुपये की लागत से बनी सडक़ें एक साल का वक्त भी पूरा नहीं देख पाईं। ग्रामीणों में चर्चा है कि सरपंच, सचिव और उपयंत्री, इंजीनियर की त्रिमूर्ति की मिलीभगत से पंचायत में जमकर घटिया निर्माण कार्य कराया गया है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
5 लाख की सडक़ एक साल में हुई ध्वस्त, दरारें बयां कर रही हैं हकीकत-
सबसे बदतर स्थिति हरिजन चक्क मेन रोड से मरघट शाला की ओर बनाई गई सीसी रोड की है। इस सडक़ के निर्माण में 5 लाख रुपये से अधिक का सरकारी बजट खर्च दिखाया गया है लेकिन धरातल पर हकीकत यह है कि निर्माण कार्य पूरा हुए अभी एक साल भी नहीं बीता है। सडक़ में जगह-जगह बड़ी-बड़ी और गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण सडक़ से गिट्टियां बाहर निकल आई हैं और किनारों साइटों से तो सीमेंट की मोटी-मोटी परतें उखडक़र पाउडर बन रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उपयंत्री, इंजीनियर ने कभी मौके पर आकर निर्माण कार्य का निरीक्षण नहीं किया, जिसके चलते सरपंच-सचिव ने मनमर्जी से सीमेंट रेत डालकर खानापूर्ति कर दी।
कुशवाह चक्क में भी हुआ घटिया निर्माण कार्य-

घटिया निर्माण का यह खेल सिर्फ हरिजन चक्क तक सीमित नहीं है। गोरा पंचायत के कुशवाह चक्क में भी हाल ही में जो सीसी सडक़ों का निर्माण कराया गया है, उनका हाल भी बेहद खस्ता है। वहां भी घटिया निर्माण कार्य के कारण सडक़ें ही बारिश झेलने की स्थिति में नहीं दिख रही हैं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया है इससे निर्माण कार्य की पोल खुल रही है और तकनीकि मापदंडों की अनदेखी की गई है। वहीं स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे है, स्वच्छता को ताक पर रख दिया गया है। विशेषकर कुशवाह चक्क में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है।
कागजों में दम तोड़ देती हैं जांचें-
पंचायतों में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों में चर्चा है, उनका प्रशासनिक व्यवस्था से भी भरोसा उठ चुका है। गांव में चर्चा है कि अधिकारी जांच के लिए आते तो हैं लेकिन मोटी सेटिंग और राजनीतिक संरक्षण के चलते जांचें सिर्फ कागजों और फाइलों में ही दम तोड़ देती हैं। कार्रवाई न होने से उनके हौंसले बुलंद हैं और जनता का टैक्स का पैसा पानी में बह रहा है। हरिजन चक्क मेन रोड से मरघटशाला की ओर बनाई गई सडक़ के संबंध में जब ग्राम पंचायत के सचिव रामचरण लोधी को फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
Author: Shabd Agni
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