मुस्तकीम मुगल / आलीराजपुर में मुस्लिम समाज का मोहर्रम शुरू हो चुका है। जगह-जगह इमाम हुसैन की शहादत की याद को ताजा किया जा रहा है। उनकी याद में हर गली मोहल्ले में शरबत पिलाए जा रहे हैं। ताजियों का काम भी जोरों पर चल रहा है।
बुधवार को इस्लामी तारिख 7 को आलीराजपुर शहर में मेहंदी का जुलूस निकाला गया। मेहंदी के जुलूस के आगे-आगे मुस्लिम समाज के युवा एवं बच्चे ढोल-ताशों और डीजे पर चल रहे थे। धार्मिक नारों और सलामों की सदाओं के बीच निकला यह जुलूस आकर्षण का केंद्र बना रहा।
परंपरा के अनुसार इमामे कासिम की याद में निकाली जाने वाली मेहंदी को नगर के विभिन्न निर्माणाधीन ताजियों पर पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ लगाया गया। रस्म के दौरान श्रद्धालुओं ने नंगे पांव चलकर मेहंदी पेश की तथा ताजियों के समक्ष दुआएं मांगीं।
मोहर्रम ने बढ़ाया भाईचारे का संदेश
मोहर्रम पर्व के चलते पूरे नगर में धार्मिक आस्था, भाईचारे और सौहार्द का वातावरण बना हुआ है। ताजियों के निर्माण से लेकर मेहंदी की रस्म तक हर आयोजन में समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। आगामी दिनों में मोहर्रम के प्रमुख कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और नगर में पर्व को लेकर विशेष उत्साह का माहौल है।
Author: Shabd Agni
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