शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़ बालाघाट – 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यवहार न्यायालय वारासिवनी में विशेष योग एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालाघाट श्री प्राणेश कुमार प्राण के निर्देशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति वारासिवनी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रातः 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में न्यायाधीश श्रीमती कविता इवनाती के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की इस वर्ष की थीम ‘‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’’ को केंद्र में रखते हुए योगाभ्यास कराया गया। इस अवसर पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कमलेश मीणा, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नेहा बाथरी सहित न्यायालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षित योग शिक्षक एवं अधिवक्ता श्री संतोष लिल्हारे के निर्देशन में आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। योग सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश श्रीमती कविता इवनाती ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसे उसके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि योग तनावमुक्त जीवन और सकारात्मक सोच का आधार है तथा न्यायपालिका और विधिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी इसकी उपयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Author: Shabd Agni
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