शब्द अग्नि / जिला ब्यूरो बंटी सोनी
श्योपुर, वर्षा ऋतु के दौरान दूषित पानी एवं अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के सेवन से उल्टी-दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया एवं टाइफाइड जैसी जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इन बीमारियों की रोकथाम एवं जनसामान्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक सावधानियां एवं बचाव संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाने-पीने के लिए सदैव स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी का उपयोग करें। यदि पेयजल के दूषित होने की संभावना हो तो पानी को उबालकर अथवा क्लोरीन की गोली का उपयोग कर शुद्ध करने के बाद ही सेवन करें। सुरक्षित पेयजल स्रोतों का ही उपयोग किया जाए। जनसामान्य को सलाह दी गई है कि शौच के बाद हाथों को साबुन एवं स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोएं तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। ताजा एवं स्वच्छ भोजन का ही सेवन करें तथा अधिक समय से रखे हुए अथवा बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
खाद्य पदार्थों एवं भोजन को सदैव ढंककर रखें, ताकि वे मक्खियों एवं धूल-मिट्टी से दूषित न हों। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, सड़े-गले एवं कटे-फटे फलों का सेवन न करें। सब्जियों एवं फलों को उपयोग से पूर्व स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोएं तथा साफ चाकू से काटकर ही उपयोग में लें। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से शौचालयों को स्वच्छ रखने तथा आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा बनाए रखने की भी अपील की है। विभाग ने कहा है कि इन सावधानियों का पालन कर जलजनित बीमारियों से बचाव किया जा सकता है तथा वर्षा ऋतु में स्वयं एवं परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
Author: Shabd Agni
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