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August 5, 2026 3:48 am

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भाजपा की राह पर बढ़ रही कांग्रेस ?

तत्कालीन गृह मंत्री के फरमान को लागू करने की माँग को लेकर सड़क पर उतरी जिला कांग्रेस सौंपा ज्ञापन

शब्द अग्नि / खरगौन। जिस SAF बटालियन की घोषणा तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 2022 की हिंसा के बाद की थी, उसी बटालियन की मांग को लेकर जिला कांग्रेस ने गिने चुने मुट्ठी भर कार्यकर्ताओं के साथ ज्ञापन सौंपा

हालांकि उक्त ज्ञापन में कानून व्यवस्था से ज्यादा राजनीतिक बदलते रंग दिखाई दे रहे थे जिन्होंने कई सवाल खड़े कर दिये आखिर ऐसी बात है जो चुनाव के ठीक पहले जिला कांग्रेस को बटालियन की याद आ गई चार साल से क्यों सोए थे ? क्या मौजूदा कानून व्यवस्था पर कांग्रेस को भरोसा नहीं? या फिर बटालियन के जरिए अपना राजनीतिक लाभ साधने की कोशिश की जा रही है ?सवाल यह है कि कल तक जिस मुद्दे को भाजपा की सख्त कानून-व्यवस्था और बहुसंख्यक राजनीति से जोड़कर देखा जाता था, क्या आज कांग्रेस भी उसी राह पर कदम बढ़ा रही है ?

दंगाई कोई भी उसे सख्ता सजा मिलनी ही चाहिए जो शांति व्यवस्था बिगाड़े उसे कानूनी ढंग से सबक सिखाने में कोई हर्ज नहीं है मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक वर्ग विशेष को केंद्रित कर बटालियन की तैनाती की घोषणा की थी तो क्या कांग्रेस भी उसी वर्ग विशेष को केंद्रित कर नरोत्तम के मिशन को आगे बढ़ाना चाहती है ?

जिला कांग्रेस का बटालियन के मुद्दे पर सड़क पर उतरना अब सिर्फ कानून-व्यवस्था की मांग नहीं, बल्कि राजनीतिक गणित का हिस्सा भी दिखाई देने लगा है। सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस बहुसंख्यक वोटों को रिझाने की कोशिश में उसी राजनीतिक राह पर कदम बढ़ा रही है, जिस पर कभी नरोत्तम मिश्रा जैसे भाजपा नेता मजबूती से चलते थे ? अगर ऐसा है तो क्या कांग्रेस को नरोत्तम मिश्रा की वर्तमान राजनीतिक स्थिति नहीं देती? या फिर बटालियन और सख्त कार्रवाई की मांग के जरिए कांग्रेस बहुसंख्यक मतदाताओं को कोई छुपा संदेश देने की कोशिश कर रही है ?

अंत में….. आजादी के बाद से लेकर वर्तमान तक उसी वर्ग विशेष के वोटो से सत्ता के गलियारों में चहलकदमी करने वाली कांग्रेस अब उसी वर्ग विशेष को निशाना बना कर फिर सत्ता के गलियारों तक पहुंचना चाहती है कही ऐसा तो नहीं कि भाजपा की पिच पर खेलने की जिद से कांग्रेस के अपने थोक बंद वोट पीछे छूट जाए हालांकि ऐसा होता दिखाई नहीं देता क्योंकि हम जिस वर्ग विशेष की बात कर रहे है उसी वर्ग विशेष के कई कार्यकर्ता भी उक्त ज्ञापन में नारे लगाते दिखाई दिए यह अलग बात है कि उन्हें इतनी राजनीतिक समझ है या नहीं या सिर्फ फरमान-ए-भैया पर हां में हां मिला दी ? हालांकि माना कि उनकी अपनी मजबूरी हो सकती है नगर सरकार के चुनाव आने वाले है भिया ने नाराज नहीं होना चाहिए तो हो सकता है यह सोच कर वो जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए साथ हो लिए

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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