इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड की छात्राओं ने कम अंक देने और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता के लगाए आरोप, प्राचार्य ने बनाई जांच कमेटी
शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया
सीहोर डॉ. अंबेडकर शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड की प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने जुलाई में आयोजित परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि कुछ ऐसी छात्राओं को भी पास कर दिया गया, जिन्होंने परीक्षा में वायवा नहीं दिया था। वहीं जिन छात्राओं ने प्रैक्टिकल के दौरान पूछे गए सवालों के सही एवं पूर्ण उत्तर दिए, उन्हें अपेक्षाकृत कम अंक दिए गए।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कुछ छात्राएं प्रैक्टिकल परीक्षा में तो उपस्थित हुईं, लेकिन वायवा देने के लिए उपस्थित नहीं हुईं। इसके बावजूद उन्हें अंक देकर पास कर दिया गया। छात्राओं का सवाल है कि यदि किसी विद्यार्थी ने वायवा ही नहीं दिया तो उसे परीक्षा में उपस्थित मानकर अंक किस आधार पर दिए गए।
सही जवाब देने वालों को कम अंक, जवाब नहीं देने वाली को अंक देने का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि वायवा के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर दिए, इसके बावजूद उन्हें कम अंक मिले। दूसरी ओर, जिन छात्राओं ने कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर नहीं दिए, उन्हें भी अंक प्रदान किए गए।
एक छात्रा का कहना है कि उसने वायवा में एक भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया, इसके बावजूद उसे अंक दिए गए। छात्राओं के अनुसार इस संबंध में शिक्षक का कहना है कि संबंधित छात्रा ने सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए थे। छात्राओं ने इसी विरोधाभास को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूर से आने के बावजूद वायवा देने पहुंचीं छात्राएं
छात्राओं का कहना है कि उन्हें वायवा के लिए काफी दूर से संस्था में आना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा में उपस्थित होकर वायवा दिया। छात्राओं का कहना है कि यदि बिना वायवा दिए भी विद्यार्थियों को पास किया जाना है तो उन्हें भी वायवा देने के लिए दूर से आने की आवश्यकता नहीं थी।
शिक्षकों की कमी को लेकर भी उठाए सवाल
छात्राओं ने संस्था में नियमित शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि जब संबंधित ट्रेड में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी किस प्रकार होगी। छात्राओं के अनुसार उन्होंने शिक्षक की व्यवस्था किए जाने को लेकर प्राचार्य को आवेदन भी दिया था, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
छात्राओं का कहना है कि यदि नियमित रूप से पढ़ाई नहीं होगी तो विद्यार्थियों से परीक्षा एवं वायवा में बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
परीक्षा ड्यूटी में आने वाले शिक्षकों के लिए नाश्ते का भी आरोप
छात्राओं ने संस्था प्रबंधन पर परीक्षा ड्यूटी में आने वाले शिक्षकों के लिए नाश्ते की व्यवस्था का दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया है। छात्राओं के अनुसार उनसे कहा गया था कि परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए नाश्ता करवाया जाए और उसका खर्च छात्राएं स्वयं उठाएं। छात्राओं का दावा है कि उन्होंने शिक्षकों के लिए नाश्ता भी मंगवाया था।
शिकायत के बाद प्राचार्य ने बनाई जांच कमेटी
मामले को लेकर छात्राओं ने संस्था में शिकायत की। इसके बाद प्राचार्य डाबू परमार ने जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। प्राचार्य के अनुसार कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है और तीन दिन का समय दिया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य डाबू परमार ने कहा कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है। सभी विद्यार्थियों के साथ न्याय किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक वर्तमान में संस्था में उपस्थित नहीं हैं, उनके शीघ्र जॉइन करने की प्रक्रिया की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
परीक्षा के दौरान परीक्षा प्रभारी महेंद्र मोहन श्रीवास्तव थे। छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता अब जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले भी शिकायतों को लेकर चर्चा में रही संस्था
डॉ. अंबेडकर शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में छात्राओं की ओर से समय-समय पर विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। अब परीक्षा में अंक एवं वायवा को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद एक बार फिर संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। छात्राओं को उम्मीद है कि जांच कमेटी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगी और दोष पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
Author: Shabd Agni
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