शब्द अग्नि मुस्तकीम मुगल आलीराजपुर । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अतुलकर द्वारा जानकारी देकर बताया कि जापानी इन्सेफेलाइटिस (जेई) एक गंभीर मच्छर जनित वायरल बीमारी है, जो संक्रमित क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलती है। यह बीमारी विशेष रूप से बच्चों को अधिक प्रभावित करती है तथा गंभीर स्थिति में जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से सतर्कता एवं बचाव के उपाय अपनाने की अपील की गई है।
क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छर प्रायः धान के खेतों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा गंदे पानी के आसपास पनपते हैं। जापानी इन्सेफेलाइटिस से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी, गर्दन में अकड़न, भ्रम की स्थिति, दौरे पड़ना तथा गंभीर मामलों में बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को सलाह दी गई है कि घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें तथा मच्छर भगाने वाली क्रीम अथवा रिपेलेंट का उपयोग करें। साथ ही घरों की खिड़कियों एवं दरवाजों पर जाली लगाएं तथा कूलर, पानी की टंकियों एवं अन्य पानी के बर्तनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें।
Author: Shabd Agni
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