उदयगढ़ पुलिस ने 48 घंटे में किया डकैती का सनसनीखेज खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन विधि-विरुद्ध किशोर अभिरक्षा में,
3.40 लाख रुपये का मशरूका बरामद
शब्द अग्नि मुस्तकीम मुगल
आलीराजपुर। थाना उदयगढ़ क्षेत्र में वीडियोग्राफी और ड्रोन संचालन के नाम पर युवकों को सुनसान इलाके में बुलाकर की गई डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने मात्र 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर तीन विधि-विरुद्ध किशोरों को अभिरक्षा में लिया है। साथ ही लूटे गए कैमरे, ड्रोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित करीब 3.40 लाख रुपये मूल्य का मशरूका बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह ने बताया कि 9 जून 2026 को रूपेश सिंगाडिया निवासी छालकिया तड़वी फलिया को एक अज्ञात व्यक्ति ने विवाह समारोह में वीडियोग्राफी एवं ड्रोन संचालन के लिए बुलाया था। अग्रिम भुगतान के रूप में एक हजार रुपये भेजकर उसे उदयगढ़ बुलाया गया। वहां से कुछ युवक उसे और उसके साथियों को अखोली ग्राम के समीप सुनसान कच्चे मार्ग पर ले गए, जहां पहले से घात लगाए बैठे 6-7 बदमाशों ने मारपीट कर सोनी और केनन कंपनी के कैमरे, डीजेआई एयर-3एस ड्रोन, मोबाइल फोन और नगदी लूट ली।
पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना उदयगढ़ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायता करने वालों के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ बघेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी जोबट रविन्द्र राठी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे एवं थाना प्रभारी आंबुआ उपनिरीक्षक मोहन डावर के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
वारदात में इस्तेमाल की गयी मोटरसाइकिल भी चोरी की
11 जून को प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम बावड़ी में दबिश देकर नवीन मैड़ा सहित तीन विधि-विरुद्ध किशोरों को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वारदात का मुख्य षड्यंत्रकर्ता सुनिल मावी और बिरम मावी हैं, जिन्होंने आधुनिक कैमरे और तकनीकी उपकरण हासिल करने के उद्देश्य से डकैती की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया कि घटना में उपयोग की गई मोबाइल सिम नवीन के पिता के नाम पर पंजीकृत थी, जबकि उसका इस्तेमाल मुख्य आरोपी सुनिल कर रहा था। आरोपियों ने कियोस्क सेंटर के माध्यम से एक हजार रुपये भेजकर फरियादी का विश्वास जीता और उसे योजनाबद्ध तरीके से घटनास्थल तक बुलाया। वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी गुजरात से चोरी की होना पाई गई।
डकैती में प्रयुक्त साम्रगी बरामद की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक ड्रोन कैमरा, एक सोनी कैमरा, एक केनन कैमरा तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी सुनिल मावी, बिरम मावी और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
प्रकरण के खुलासे में थाना उदयगढ़, थाना आंबुआ तथा साइबर सेल आलीराजपुर की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
Author: Shabd Agni
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