भैय्यू महाराज की पत्नी बोलीं— किसी भी धर्म और आराध्य का अपमान स्वीकार नहीं, इंदौर के वकीलों ने भी कार्रवाई की मांग की
शब्द अग्नि / इंदौर। भगवान श्रीकृष्ण को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर इंदौर में विरोध तेज हो गया है। भैय्यू महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, देवी-देवता या धार्मिक आस्था का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एफआईआर के लिए आवेदन देने की घोषणा
डॉ. आयुषी देशमुख ने कहा कि उनकी संस्था संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को आवेदन देगी। उनका कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी धर्म या उसके आराध्य के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में प्रभावी और कड़ी कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बना विवाद का कारण

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी एक मौलाना का वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में भगवान श्रीकृष्ण के संबंध में की गई टिप्पणी करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए कथनों की जांच संबंधित एजेंसियों का विषय है।
शिकायत में धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कथित बयान न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसी आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय कानून के तहत उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
इंदौर के वकीलों ने भी सौंपा ज्ञापन
इस मामले में इंदौर के अधिवक्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया है। एडवोकेट दिलीप नागर, शैलेंद्र सिंह बैस, शुभम सुनहरे, सुनील डावर, कुलदीप नागर, शुभम राजपूत सहित अन्य वकीलों ने पलासिया थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि किसी भी धर्म या धार्मिक प्रतीक का अपमान समाज में वैमनस्य फैलाने का कारण बन सकता है, इसलिए कानून के अनुसार निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
मामले को लेकर विभिन्न संगठनों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई है।
Author: Shabd Agni
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