भले ही बड़े पद पर पहुंच जाना पर अपने भाई पर हुकूमत मत चलाना : मुनिश्री
शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार
अशोकनगर। सत्ता और हुकूमत का शौक सभी को होता है होना भी चाहिए, यदि आपको राजा बनना है तो राजा के साथ रहने की विधि सीखना होगी। नेता बनना है तो अपने नेता की प्रशंसा करते हुए उसके हर काम में सहयोगी बनना चाहिए। राजा और राज्य दोनों में भी विभाजन होता है राजा राम के समय हुआ पर हुकूमत अपनों पर नहीं होना चाहिए। जब राजाराम गद्दी पर बैठने लगे तो और लक्ष्मण को अलग राज्य देना चाहा तो लक्ष्मण ने अस्वीकार कर दिया लेकिन राम ने छोटे भाई शत्रुघ्न को मथुरा का राज सौंपा। ये भाई बांट होती है। हुकुमत में भले बड़े पद पर पहुंच जाना लेकिन अपने छोटे भाइयों पर हुकूमत मत करना नहीं तो राज्य बिगड़ जायेगा, घर बिगड़ जायेगा, उक्त आश्य के उद्गार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए।
Author: Shabd Agni
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