शौच के लिए गई नाबालिगा का किया था अपहरण, पुलिस ने दबोचे आरोपी
शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार
अशोकनगर। शनिवार को शौच के लिए घर से बाहर निकली एक 17 वर्षीय नाबालिगा का घात लगाकर बैठे कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए छह घंटे के भीतर बालिका का अपहरण करने वाले आरोपियों को दबोच लिया है जिसके बाद एक सनसनीखेज खुलासा हुआ, जिसमें पता चला कि नाबालिगा के अपहरण में उसकी सगी बुआ का हाथ था, जिसने एक लाख रुपये में अपनी भतीजी को बेंच दिया था। घटना ईसागढ़ थाना क्षेत्र में 23 मई की सुबह हुई थी। पीडि़ता नाबालिगा आदिवासी 17 वर्ष की किशोरी है वह सुबह 6 बजे शौच के लिए घर से निकली थी तभी पूर्व से घात लगाए बैठे आरोपियों द्वारा उसे जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा बिना विलंब किए तीन विशेष संयुक्त टीमों का गठन किया गया एवं अलग-अलग रणनीतिक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रथम टीम द्वारा तकनीकी संसाधनों की सहायता से लगातार विश्लेषण किया गया। दूसरी टीमों द्वारा स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों, होटल, ढाबों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन आदि पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। तकनीकी एवं मैदानी इनपुट के आधार पर आरोपियों के राजगढ़ जिले की ओर जाने की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस की तीनों टीमें तत्काल रवाना हुर्इं। पुलिस टीम द्वारा ब्यावरा के समीप घटना में प्रयुक्त वाहन सहित महिला आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर, नीरज जोगी एवं प्रेम गुर्जर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा नाबालिग बालिका एवं एक अन्य आरोपी को नजीराबाद क्षेत्र में छोडऩे की जानकारी दी गई। तत्पश्चात पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा नजीराबाद क्षेत्र में घेराबंदी कर शेष आरोपी को गिरफ्तार करते हुए नाबालिग बालिका को सकुशल मुक्त कराया गया। पीडि़ता के कथनों के आधार पर प्रकरण में अत्यंत गंभीर एवं चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि उसकी सगी बुआ द्वारा ही 1 लाख रुपये में बालिका का सौदा आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर से किया गया था। उक्त सौदे के तहत आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर ने अपने भाई लखन गुर्जर, प्रेम सिंह गुर्जर एवं नीरज जोगी के साथ मिलकर पूरी वारदात की साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा पीडि़ता की सगी बुआ को भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। ईसागढ़ पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग आदिवासी बालिका को सकुशल मुक्त कराकर वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
Author: Shabd Agni
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