30 जिलों की सहभागिता वाले महासम्मेलन में बैतूल की बहनों को मिले कई सम्मान
शब्द अग्नि / सचिन जैन
बैतूल। भोपाल के रवींद्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में शनिवार को पतंजलि महिला योग समिति मध्य प्रदेश पूर्व द्वारा महिला महासम्मेलन एवं योग सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बैतूल की मृणालिनी दत्ता, किरण कौशल एवं अन्य बहनों द्वारा शंखनाद से किया गया तथा योग ऋषि स्वामी रामदेव के आशीर्वचनों के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महासम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली में महिलाओं के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अखंड पुरुषार्थ, दूरदृष्टि और विकल्परहित संकल्प के बल पर बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने पतंजलि महिला योग समिति के कार्यों की सराहना करते हुए सभी को गुरूनिष्ठ और राष्ट्रनिष्ठ होकर कार्य करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि साध्वी डॉ. देवप्रिया ने मनुष्य के सर्वांगीण विकास में योग की भूमिका विषय पर विचार रखते हुए कहा कि योग शरीर, मन, इंद्रियों और आत्मा के संतुलित विकास का माध्यम है। उन्होंने महिलाओं को परिवार की धुरी बताते हुए कहा कि योग उनके शारीरिक और मानसिक सामर्थ्य को बढ़ाता है तथा संस्कारित पीढ़ी निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अष्टांग योग के नियमित और श्रद्धापूर्वक अभ्यास पर बल दिया।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एन.पी. सिंह ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए स्वदेशी शिक्षा प्रणाली को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद, गीता और रामायण में निहित जीवन मूल्यों को शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार द्वारा स्थापित बोर्ड है, जो सीबीएसई के समकक्ष है।
कार्यक्रम की आयोजक एवं राज्य प्रभारी डॉ. पुष्पांजली ने सम्मेलन को योग साधकों का सौभाग्यपूर्ण संगम बताया। इस अवसर पर प्रकाश आर्य, साध्वी देव अदिति तथा स्वामी ऋतस्पति ने भी अपने विचार एवं आशीर्वचन दिए।
संगीता अवस्थी ने सभी सहयोगी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए महिलाओं से पतंजलि महिला योग समिति से जुड़कर स्वयं, परिवार और समाज को स्वस्थ एवं संस्कारित बनाने का आह्वान किया। अंत में भारत स्वाभिमान के राज्य प्रभारी किरण सिंह पवार ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Author: Shabd Agni
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