हरदा अवैध कालोनियों की खरीदी बिक्री
अवैध पट्टे की खरीदी बिक्री बढ़ रही है ठोस कार्यवाही नहीं होने पर लग रहे सांठगांठ के आरोप
शब्द अग्नि डी एस चौहान
हरदा मुख्यालय पर झुग्गी झोपड़ी के अन्तर्गत हजारों पट्टे वितरित किये गये लेकिन कुछ असामजिक तत्वों ने वहां रहने वालों को भगा दिया और पट्टे के मकान पर कब्जा कर लिया हरदा में पानी की टंकी मानपुरा इमली पुरा दूध डेयरी आदि जगह सैकड़ों पट्टे ऐसे हैं जिन पर दूसरों का कब्जा है कुछ ने मकान बना लिये ओर कुछ पट्टे के मकान किराये पर चल रहें हैं हरदा में विभिन्न मोहल्लों में पट्टे के मकान का सीमांकन भी नहीं हुआ और मनमफिक जमीन पर दुकान मकान का संचालन किराये से हो रहा है
वो सवाल जिनका अब तक कोई जवाब नहीं
- हरदा मुख्यालय सहित जिले में अवैध कालोनियों की खरीदी बिक्री को रोकने में स्थानीय प्रशासन स्थानीय परिषद् असहाय क्यों सिद्ध हो रहे हैं ?
- क्या कोलानाइजर स्थानीय प्रशासन और परिषद् से पहले ही सेटिंग कर लेता है ताकि कोई नोटिस बाजी न हो ?
- अवैध कालोनियों में हजारों मकान बगैर डायवर्सन बगैर परमिशन क्यों बन गये है ?
- स्थानीय नागरिकों ने भी लिखित शिकायत पर कब तक कार्यवाही क्यों नहीं ?
- जिला प्रशासन को अवैध कालोनियों में रहने वाले आप बीती बता चुके हैं लेकिन महोदय दिखवाते ओर जांच का कहकर इतिश्री क्यों कर देते हैं
नर्मदा ग्रीन पर संज्ञान सवालों के घेरे में
हरदा मुख्यालय पर वर्ष 2016 के बाद धनी फुटाने की तर्ज पर कालोनियों बिक्री हुई पांच वार्डों जो जुड़े हैं सबसे ज्यादा अवैध कालोनियों में है लेकिन एक जबाब मिलता कार्यवाही करेंगे बाद में पता चला कि कलेक्टर साहब बदल गये नगर पालिका परिषद अधिकारी बदल गये ये नौटंकी हरदा जिले में काफी समय से चल रही है बताया जाता हैं कि नपा ने अब तक सिर्फ मात्र एक ही कॉलोनी पर संज्ञान लिया
तो क्या आपसी सांठगांठ तो नहीं….?
बताया जाता है कि हरदा मुख्यालय पर स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की लापरवाही से अवैध कालोनियों में हजारों मकान बगैर परमिशन बन चुके हैं आज तक कोई अवैध कालोनियों पर ऐसी कार्यवाही नहीं हुई कि अंकुश लग सके क्योंकि राजनीतिक सत्ता की छत्रछाया से तत्काल सेटिंग तो हो जाती है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती नोटिस भी महज दिखावे के लिए दे देते हैं जो इस बात को बल देता है कि क्या कॉलोनाइजर एवं अधिकारियों में कोई सांठगांठ तो नहीं ? हरदा मुख्यालय सहित जिले में सैकड़ों अवैध कालोनियों की खरीदी बिक्री चल रही है लेकिन प्रशासन ने आज तक रकवे ओर कालोनियों को लेकर रजिस्टर में आपत्ति दर्ज नहीं की है
योजना के नाम पर हो रहा लाखों के विकास का खेल
हरदा मुख्यालय पर कुछ अवैध कालोनियों में मुख्यमंत्री अधोसंरचना के नाम नाली सड़क स्ट्रीट लाइट के काम भी हो गये है लेकिन आज भी वे अवैध कालोनियों की श्रेणी में दर्ज है और कोलानाइजर पर कोई संज्ञान नहीं लिया है जो सोचनीय विषय है
अवैध कालोनियों पर कलेक्टर ले संज्ञान
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को संज्ञान लेते हुए अवैध कालोनियों पर अतिक्रमण हटाने की पहल करनी चाहिए आमजन त्रस्त है लेकिन कलेक्टर महोदय कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं जो कि कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है
Author: Shabd Agni
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