VISITORS

0 1 7 4 4 3

July 19, 2026 5:03 am

+91 8878812345

लेटेस्ट न्यूज़

फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों पर केंद्र का बड़ा प्रहार, सत्यापन प्रक्रिया होगी और सख्त

फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने के लिए डिजिटल जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को और कड़ा किया जाएगा।

शब्द अग्नि / नई दिल्ली। देशभर में फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार अब डिजिटल जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया को और सख्त बनाने जा रही है, ताकि सरकारी योजनाओं, नागरिकता संबंधी दस्तावेजों और अन्य सेवाओं में फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

डिजिटल वेरिफिकेशन पर रहेगा पूरा फोकस

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए सिस्टम में जन्म और मृत्यु का प्रत्येक रिकॉर्ड डिजिटल डेटाबेस से मिलान कर सत्यापित किया जाएगा। इससे प्रमाणपत्रों में छेड़छाड़, फर्जी एंट्री और नकली दस्तावेज तैयार करने की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी। राज्यों और स्थानीय निकायों को भी इस प्रक्रिया को और मजबूत करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

सरकारी सेवाओं में होगा सीधा असर

जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र कई सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट, आधार, पेंशन, संपत्ति के उत्तराधिकार और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया सख्त होने से फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने वाले लोगों पर रोक लग सकेगी।

राज्यों को मिल सकते हैं नए दिशा-निर्देश

केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। इसमें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, रिकॉर्ड अपडेट करने और डिजिटल डेटा की सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की संभावना है। अधिकारियों को समय-समय पर रिकॉर्ड का ऑडिट करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

पारदर्शिता और सुरक्षा होगी मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन व्यवस्था मजबूत होने से सरकारी रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगे। इससे पहचान संबंधी धोखाधड़ी, फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी लाभ लेने और अन्य दस्तावेजी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर