सीएम हेल्पलाइन में शिकायत नहीं, निराकरण मर रहा है! हलधर मिश्रा के जवाब पर कलेक्टर की मुहर ?
शब्द अग्नि अनुराग बजाज
दमोह जिले में सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवाल अब केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित नहीं रह गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिन मामलों में उन्हें एल-1 और एल-2 स्तर पर न्याय नहीं मिला, वहां उन्होंने अंतिम उम्मीद कलेक्टर स्तर से लगाई थी, लेकिन कई मामलों में कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची शिकायतों को भी बिना प्रभावी जांच, बिना स्वतंत्र सुनवाई और बिना वास्तविक निराकरण के बंद कर दिया गया। आरोपों के केंद्र में जनपद पंचायत दमोह एवं पटेरा के सीईओ हलधर मिश्रा की कार्यप्रणाली और उनके द्वारा प्रस्तुत निराकरण को अंतिम सत्य मानने की प्रवृत्ति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन की पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर शिकायत का सही निराकरण नहीं होता तो वह उच्च स्तर तक जाकर निष्पक्ष समीक्षा प्राप्त कर सके। लेकिन जिले में स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। आरोप है कि एल-1 अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए निराकरण को ही एल-2 और कई मामलों में L3 कलेक्टर स्तर तक सही मान लिया जाता है। न तो मौके पर अलग से जांच कराई जाती है और न ही शिकायतकर्ता की आपत्तियों का गंभीर परीक्षण होता है।
Author: Shabd Agni
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