9594 श्रमिकों का हुआ पंजीयन
शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़
बालाघाट – जिले ने श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के अंतर्गत श्रमिकों के पंजीयन में मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले को इस योजना के तहत 9,471 श्रमिकों के पंजीयन का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध 9,594 श्रमिकों का सफल पंजीयन कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई है। प्रदेश के किसी अन्य जिले में इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों का पंजीयन नहीं हुआ है।
इस महत्वपूर्ण सफलता का श्रेय कलेक्टर श्री मृणाल मीना के कुशल नेतृत्व, सतत मॉनिटरिंग और श्रमिक हितैषी कार्यशैली को दिया जा रहा है। कलेक्टर श्री मीना ने श्रम विभाग, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, निर्माण विभागों तथा पंचायत स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट लक्ष्य सौंपते हुए अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप बालाघाट जिला प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहा।
क्या है प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र श्रमिकों को उनकी आयु के अनुसार मासिक अंशदान करना होता है। श्रमिक द्वारा जमा की गई राशि के बराबर अंशदान केंद्र सरकार भी करती है। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को प्रतिमाह 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। यह योजना रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, निर्माण श्रमिकों, घरेलू कामगारों, कृषि श्रमिकों, रिक्शा चालकों तथा अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान करती है।
Author: Shabd Agni
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