बालाघाट में बाघ के कंकाल बेचने का सौदा, ग्राहक बनकर पहुंचे वन अधिकारी
शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़ बालाघाट – वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद.फरोख्त करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है मुखबिर द्वारा मिली सूचना के आधार पर 21 जून को वन विभाग की टीम ने ग्राहक बनकर आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया टीम ग्राहक बनकर तस्कर के पास पहुंची जहां दबिश देकर कथित बाघ के हड्डियों के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
10 लाख में कंकाल का सौदा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरोपी बाघ के कंकाल को कुछ महीनों से बेचने की फिराक में थे इसकी भनक लगते ही विभागीय अमला हरकत में आया और कुछ कर्मचारियों को ग्राहक बनाकर आरोपियों के पास भेजा इस दौरान आरोपियों ने खरीदार बनकर आए वन कर्मियों से कथित बाघ के कंकाल का सौदा 10 लाख रुपए में किया
मंडला और बालाघाट के पांच तस्कर गिरफ्तार
इस दौरान आरोपियों ने बताया कि उनकी जानकारी में एक और बाघ का कंकाल है तब वन अमले ने उसे भी खरीदने की इच्छा जाहिर की् जिसके बाद आरोपियों ने दूसरे कंकाल सहित कुछ लोगों को मंडला से बालाघाट बुला लिया जिसके बाद वन अधिकारियों ने दोनों कंकाल के साथ 5 आरोपियों को भी धर दबोचा बालाघाट क्षेत्र में आने वाले पश्चिम बैहर परिक्षेत्र का है जहां मुखबिर की सूचना के बाद बाघ के कंकाल के खरीददार बनकर वन कर्मी ग्राम छपारा पहुंचे जहां पर सौदेबाजी के दौरान 3 आरोपियों को ग्राम छपारा के आंगनबाड़ी चौक पर गिरफ्तार कर लिया वहीं आरोपियों के बताए अनुसार दूसरे कंकाल के साथ मंडला से कंकाल बेचने की फिराक में आए दो आरोपियों को ग्राम हर्राभाट से गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी कंदर्प भट्ट ने बताया आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बाघ के कंकाल होने की बात कही है जिनमें से एक कंकाल मंडला जिले के बिछिया से लाया गयाए वहीं दूसरा कंकाल आरोपियों के पास कहां से आया इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है जब्त कंकाल को जांच के लिए भेजा जा रहा है
Author: Shabd Agni
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