हैंडपंप बना शोपीस; बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
शब्द अग्नि / सोहैल कुरैशी
आलीराजपुर । आलीराजपुर जिले के जनपद पंचायत जोबट अंतर्गत ग्राम सिंधी के कोठार फलिया स्थित जोबट-कुक्षी मुख्य मार्ग पर लगा हैंडपंप लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। हैंडपंप से पानी नहीं निकलने के कारण आदिवासी ग्रामीणों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में इन दिनों सामाजिक कार्यक्रमों एवं शादी-विवाह का दौर चल रहा है, जिससे पानी की मांग और बढ़ गई है।
अधिकारी की दो टूक
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की जानकारी कई बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के मैदानी कर्मचारियों एवं संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है। हैंडपंप बंद होने से लोगों को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
कलेक्टर के निर्देश बेअसर
उल्लेखनीय है कि हाल ही में कलेक्टर ने जिले की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जल संकट वाले क्षेत्रों में शिकायतों का त्वरित निराकरण करने, हैंडपंप संबंधी मांगों का भौतिक सत्यापन कराने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त बोरवेल कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कोठार फलिया में पेयजल समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हैंडपंप का गहरीकरण कर दिया जाए तो इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकता है। इससे न केवल मोहल्लेवासियों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि जोबट-कुक्षी मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को भी पानी की सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
Author: Shabd Agni
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