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समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे पर भाजपा एमआईएम आमने सामने 

विधानसभा सत्र से पहले सरकार यूसीसी मसौदे पर बड़ा फैसला ले सकती है, कैबिनेट में हुई विस्तृत चर्चा

शब्द अग्नि  / यासिर पठान  प्रदेश सरकार द्वारा शनिवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे पर अहम कैबिनेट बैठक  सम्पन्न हुई। इस बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।माना जा रहा है कि सरकार विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इस मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है।

मसौदे में हो सकते हैं कई नए प्रावधान

राज्य सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी का मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित यूसीसी मसौदे में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। साथ ही कुछ वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जनजातियों (एसटी), को मसौदे के दायरे से बाहर रखने पर भी विचार किया गया है। हालांकि इन प्रावधानों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट और विधानसभा की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

एमआईएम ने बनाई विरोध की रणनीति 

यूसीसी को लेकर प्रदेश में राजनीति भी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल इसे सामाजिक समानता और कानूनी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहा है, जबकि विपक्ष इस मसौदे के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में कैबिनेट बैठक के फैसले और आगामी विधानसभा सत्र पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।bataya जा रहा है की  हाल ही में एमआईएम प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने राजधानी में सामाजिक संगठनों को जोड़ कर एक बैठक बुलाई थी जिसमे यूसीसी के विरोध के लिए रणनीति बनाई गई है अब यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा की  जिस तरह ओवेसी  मुद्दों पर मुखर हो कर आवाज़ उठाते हे वही उनकी पार्टी के के नए नवेले मुखिया किस तरह विरोध की जमीन तैयार करते हैं

क्या हो सकता है अगला कदम ?

शब्द अग्नि की पड़ताल में यह बात सामने आई है की यदि कैबिनेट यूसीसी मसौदे को मंजूरी देती है, तो सरकार इसे आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश कर सकती है। इसके बाद सदन में चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया पूरी होने पर मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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