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इंदौर : कांग्रेस पार्षद सुनेहरा अन्साफ़ अंसारी की पार्षदी खत्म

108 पेज का फैसला सुनाया कोर्ट ने संपत्ति एवं कर संबंधी जानकारी छिपाने के आरोपों पर गिरी गाज

शब्द अग्नि / यासिर पठान इंदौर । शहर  की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है। वार्ड क्रमांक 60 से कांग्रेस की पार्षद सुनहरा अनसाफ़ अंसारी का निर्वाचन न्यायालय ने शून्य घोषित कर दिया है। 108 पेज के विस्तृत फैसले के साथ आए इस आदेश ने नगर निगम के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। फैसले के साथ ही सुनहरा अन्साफ़ अंसारी की पार्षदी समाप्त हो गई।

चार साल बाद पलटा चुनावी परिणाम

सुनहरा अनसाफ़ अंसारी 17 जुलाई 2022 को वार्ड क्रमांक 60 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद निर्वाचित हुई थीं। चुनाव परिणाम के बाद इफ्तेखार उर्फ मुन्ना अंसारी ने उनके निर्वाचन को अदालत में चुनौती दी थी। लगभग चार वर्ष तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब न्यायालय ने निर्वाचन को शून्य घोषित करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।

संपत्ति और कर संबंधी जानकारी छिपाने का आरोप

याचिकाकर्ता इफ्तेखार (मुन्ना) अंसारी ने आरोप लगाया था कि सुनहरा अंसारी ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी संपत्ति एवं कर संबंधी आवश्यक जानकारी का पूर्ण और सही खुलासा नहीं किया। इसी आधार पर चुनाव याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपने 108 पेज के फैसले में निर्वाचन को शून्य घोषित करने का आदेश दिया। यह आरोप याचिकाकर्ता द्वारा अदालत में उठाए गए थे, जिन पर सुनवाई के बाद यह निर्णय आया।

अब आगे होगा क्या ?

न्यायालय के फैसले के बाद अब सभी की नजरें आगे की वैधानिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि उच्च न्यायालय में इस निर्णय को चुनौती नहीं दी जाती या वहां से कोई राहत नहीं मिलती, तो वार्ड 60 में आगे की चुनावी प्रक्रिया को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल कोर्ट के इस फैसले ने इंदौर नगर निगम की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है

रूबीना इकबाल खान की पार्षदी पर भी लटकी है तलवार

कांग्रेस की मुश्किलें यही खत्म नहीं  होती दिख रही  बल्कि और ज्यादा बढ़ती नजर आ रही हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार खजरानावार्ड क्रमांक 39 की कांग्रेस पार्षद श्रीमती रूबीना इकबाल खान भी कानूनी विवादों में घिर हुई हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट तबरेज मंसूरी ने संभागायुक्त न्यायालय में शिकायत दायर कर आरोप लगाया है कि नामांकन के दौरान शपथ पत्र में तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि लगभग 8,000 वर्गफुट की संपत्ति होने के बावजूद मात्र 2,400 वर्गफुट के हिसाब से संपत्ति कर दर्ज किया गया और उस पर भी कर बकाया था। जो कि बाद में निगम द्वारा पेनल्टी लगाकर वसूला गया  शिकायतकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट तबरेज मंसूरी ने इन्हीं आधारों पर रूबीना इकबाल खान की पार्षदी समाप्त करने की मांग की है। अगर शिकायतकर्ता की शिकायत के पक्ष में कार्यवाही हो जाती है तो कांग्रेस का नगर निगम का एक विकेट ओर गिर सकता है

 

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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