VISITORS

0 1 8 8 1 5

August 12, 2026 10:07 pm

+91 8878812345

लेटेस्ट न्यूज़

खंडवा : सदभावना मंच का आयोजन संपन्न

खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी

दैनिक शब्द अग्नि / प्रकाश पटेल

खंडवा। महारानी लक्ष्मीबाई मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की राज्यक्रान्ति की द्वितीय शहीद वीरांगना थी। उन्होंने सिर्फ 29 वर्ष की उम्र में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से युद्ध किया। उन्होंने अंग्रेजों की हड़प नीति के खिलाफ लड़ते हुए अपने राज्य और सम्मान की रक्षा की। उनकी वीरता और साहस भारतीय इतिहास में अमर हैं। अपनी मातृभूमि के सम्मान की रक्षा करते हुए, रानी लक्ष्मीबाई 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास वीरगति को प्राप्त हुई थीं। उनकी वीरता और त्याग को सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध कविता खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी के माध्यम से आज भी भारत के जन-जन में याद किया जाता है। सद्भावना मंच में महारानी लक्ष्मीबाई के शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यह उदबोधन मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने दिये। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस अवसर पर संस्थापक प्रमोद जैन, सुरेंद्र गीते, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, वाहिद खान, त्रिलोक चौधरी, सुभाष मीणा, राधेश्याम शाक्य, अनूप शर्मा, निर्मल मंगवानी, डा.एमएम कुरैशी आदि सदस्यों ने महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

.

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर