मनरेगा से जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण समृद्धि 03 लाख से अधिक पौधों से विकसित हुआ हरित जंगल, बना प्रदेश के लिए मॉडल
शब्द अग्नि / एजाज मंसूरी
खरगोन। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत योजनाबद्ध प्रयासों से शहर के लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में 03 लाख से अधिक पौधों का विशाल हरित जंगल विकसित किया गया है। यह हरित क्षेत्र आने वाले वर्षों में भू-जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मनरेगा के माध्यम से सामुदायिक वृक्षारोपण, अमृत बाल वाटिका, नंदन फलोद्यान, निजी खेतों में वृक्षारोपण, “एक पेड मां के नाम” एवं “एक बगिया मां के नाम” जैसे अभियानों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया गया। इन पहलों के परिणामस्वरूप न केवल हरियाली बढी, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार, किसानों को अतिरिक्त आय और पर्यावरण को दीर्घकालिक संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ।
जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतोंकृढिबगांव, ईदारतपुरा, मेहरजा, बडगांव, नागझिरी, सुरपाला, नंदगांव बगुद, बीड, कुंडिया, राजपुरा सहित अनेक क्षेत्रों में बडे पैमाने पर पौधारोपण किया गया। ईदारतपुरा ग्राम पंचायत आज उन्नत किस्मों के अमरूद उत्पादन के लिए नई पहचान बना चुकी है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य प्राप्त हो रहा है। वहीं मेहरजा स्थित निधिवन तथा ढिबगांव का मियावाकी सघन वृक्षारोपण क्षेत्र हरित पर्यटन और पिकनिक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 6दृ7 वर्षों में लगाए गए 03 लाख से अधिक वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 30 से 36 हजार टन ऑक्सीजन का उत्पादन और 06 से 7.5 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करने की क्षमता रखते हैं। ये वृक्ष आज 15 से 25 फीट ऊंचाई प्राप्त कर चुके हैं और शुद्ध वायु, छाया, फल तथा जैव विविधता के लिए आश्रय प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त रूप से वृक्षारोपण और जल संरक्षण गतिविधियों से भू-जल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि और स्थानीय तापमान में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मिलिंद कुमार नागदेवे ने बताया कि यह हरित जंगल ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहर के लिए भी “ग्रीन लंग्स” के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं तथा जहां आवश्यकता होगी वहां गैप फिलिंग कर सघनता बनाए रखी जाएगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर निधिवन, ग्राम पंचायत मेहरजा (जनपद पंचायत गोगावां) में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों की सहभागिता से विशेष वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित होगा।
अंत में उन्होंने जिलेवासियों से “एक पेड मां के नाम” अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।जनसहभागिता से यह पहल एक जनआंदोलन का रूप लेगी और जिला पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और हरित विकास के क्षेत्र में प्रदेश में अग्रणी पहचान स्थापित करेगा।
Author: Shabd Agni
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