अमेरिका के फीनिक्स में बेटी मिशिका के नाम से हुई घर की पहचान
शब्द अग्नि / सचिन जैन
बैतूल। बेटियों को सम्मान और पहचान दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा बेटी के नाम घर की पहचान अभियान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है। बैतूल से शुरू हुई यह सामाजिक मुहिम अमेरिका के एरिजोना राज्य तक पहुंच गई है, जहां बेटी मिशिका मिश्रा के नाम की नेम प्लेट उनके घर पर लगाई गई। यह पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
अमेरिका के एरिजोना राज्य के फीनिक्स शहर स्थित 1949 डब्ल्यू हॉर्स टेल ट्रेल पते पर मिशिका मिश्रा के नाम की नेम प्लेट स्थापित की गई। मिशिका के पिता अंशुमान मिश्रा हैं। बेटी के नाम से घर की पहचान स्थापित करने की इस पहल को परिवार ने गर्व और सम्मान का विषय बताया।
– दादा ने भेजी नेम प्लेट, मिला विशेष सहयोग
मिशिका मिश्रा के नाम की नेम प्लेट उनके दादा राकेश मिश्रा द्वारा भेजी गई। इस कार्य को सफल बनाने में दिलीप लाड़ का विशेष सहयोग रहा। परिवार ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में बेटियों के सम्मान और उनके महत्व को बढ़ाने वाला प्रेरणादायक कदम बताया।
बैतूल से शुरू होकर विदेशों तक पहुंची मुहिम
लाडो फाउंडेशन के संस्थापक अनिल यादव ने बताया कि बेटी के नाम घर की पहचान अभियान पिछले 10 वर्षों से लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से घरों की पहचान बेटियों के नाम से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।
28 राज्यों के बाद अब वैश्विक पहचान
अनिल यादव ने कहा कि यह अभियान देश के 28 राज्यों में व्यापक रूप से संचालित हो चुका है और अब विदेशों में भी इसे सराहना मिल रही है। अमेरिका के एरिजोना स्थित फीनिक्स शहर में मिशिका मिश्रा के नाम की नेम प्लेट लगना इस बात का प्रमाण है कि बेटियों के सम्मान और समान पहचान का संदेश सीमाओं से परे पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह अभियान और अधिक परिवारों को बेटियों के नाम से घरों की पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा। जहां घर की पहचान बेटी के नाम से होती है, वहां दहेज और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के लिए कोई स्थान नहीं रहता।
Author: Shabd Agni
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