दमोह में खनिज माफिया के हौसले बुलंद: डेढ़ महीने बाद भी थमा नहीं अवैध उत्खनन, प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
शब्द अग्नि अनुराग बजाज
दमोह जिले के प्रशासनिक गलियारों में छाई रहस्यमयी चुप्पी और धरातल पर गरजती माफियाओं की मशीनों ने यह साफ कर दिया है कि जिले में कानून के इकबाल से ज्यादा खनिज माफिया का रसूख हावी है। समाचार पत्र ‘शब्द अग्नि’ द्वारा गत 1 मई 2026 को इस महालूट का प्रमुखता से भंडाफोड़ किए जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। बेहद शर्मनाक बात यह है कि इस बड़े खुलासे के पूरे डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी खनिज विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। अधिकारियों की इसी अनदेखी का नतीजा है कि माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं और खोजाखेड़ी से सेमरा बुजुर्ग के बीच बिना किसी डर के दिन-रात धरती का सीना छलनी करने का खेल बदस्तूर जारी है। ताजा जमीनी पड़ताल से साफ हुआ है कि डेढ़ महीने पहले चल रहा यह अवैध कारोबार अब और अधिक रफ्तार पकड़ चुका है। पथरिया ब्लॉक के खोजाखेड़ी से सेमरा बुजुर्ग के बीच निर्माणाधीन सड़क की आड़ में मिट्टी और मुरम का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है, जिसके लिए खनिज विभाग से कोई विधिवत अनुमति तक नहीं ली गई है। बिना किसी कागजी कार्यवाही के आसपास के उपजाऊ खेतों को गहरी खाइयों में तब्दील कर दिया गया है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है बल्कि स्थानीय किसानों का भविष्य भी दांव पर लग गया है।
Author: Shabd Agni
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