समाज संगठन और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए स्वयंसेवकों का आह्वान
शब्द अग्नि / बैतूल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत द्वारा बैतूल में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग (विशेष) का समापन गरिमामय वातावरण में हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए सह प्रांत कार्यवाह विजय दीक्षित ने कहा कि एक स्वयंसेवक का जीवन व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ का ध्येय ही स्वयंसेवक का जीवन ध्येय बनना चाहिए। जब व्यक्ति अपने जीवन को ध्येय के प्रति समर्पित करता है, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्र का उत्कर्ष संभव होता है।
राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उन्हें संगठित करने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वर्ग के दौरान स्वयंसेवकों को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ बौद्धिक एवं वैचारिक रूप से सक्षम बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में अनुशासन, समयबद्धता, सामूहिक कार्य, सेवा भाव, राष्ट्रप्रेम और हिंदुत्व के संस्कारों को प्रमुखता से शामिल किया गया।
नागरिकों का आभार व्यक्त
वर्ग कार्यवाह अखिलेश श्रीवास्तव ने वर्ग की सफलता पर सभी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले समाज के गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ग में प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग स्वयंसेवक अपने-अपने क्षेत्रों में समाज सेवा और संगठनात्मक कार्यों में प्रभावी रूप से करेंगे। समापन सत्र में मध्यभारत प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र वंदना के साथ हुआ।
Author: Shabd Agni
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