नियमितीकरण सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास घेराव की चेतावनी
मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन
शब्द अग्नि / सचिन जैन
बैतूल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने पर आज 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।
नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सामाजिक सुरक्षा सहित 8 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग करते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला इकाई बैतूल द्वारा जारी सूचना के अनुसार जिले के समस्त संविदा कर्मचारी विभागीय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर रहेंगे।
संघ का कहना है कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लगभग 32 हजार कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। संघ के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं पर भी अब तक ठोस अमल नहीं हो पाया है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित नियमितीकरण का लाभ, सामान्य प्रशासन विभाग की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा सुविधा, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई समायोजन, वेतन विसंगति का निराकरण, नियमित कर्मचारियों की भांति अवकाश तथा समान कार्य के लिए समान वेतन एवं सुविधाएं शामिल हैं।
संघ द्वारा पूर्व निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन के तहत 25 से 27 मई तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद 28 और 29 मई को प्रशासनिक अधिकारियों तथा 30 मई से 1 जून तक जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया गया। मांगों के निराकरण नहीं होने पर अब 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा रही है। साथ ही 8 जून को प्रदेशभर के कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध संविदा स्वास्थ्य संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री से संविदा कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निराकरण करने का आग्रह करते हुए कहा है कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहेंगी और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख विनय डोंगरे एवं जिलामंत्री पंजाब गायकवाड़ ने भी संविदा कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को न्यायोचित बताया है। संघ ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में उत्पन्न होने वाली किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
Author: Shabd Agni
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