मुख्यमंत्री बोले— विधायकों को करोड़ों रुपये और मंत्री पद का दिया जा रहा लालच, आरोपों से गरमाई प्रदेश की सियासत।
शब्द अग्नि / नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उस समय बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को करोड़ों रुपये की पेशकश और मंत्री पद का लालच दिया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
खरीद-फरोख्त के आरोपों से बढ़ा सियासी तनाव

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों को प्रलोभन देकर सरकार की स्थिरता पर हमला किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
विपक्ष के निशाने पर सरकार

उमर अब्दुल्ला के आरोपों के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर पलटवार करते हुए इन आरोपों को राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने का प्रयास बताया है। विपक्ष का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए और संबंधित एजेंसियों से जांच करानी चाहिए।
सबकी निगाहें अगले राजनीतिक घटनाक्रम पर
मुख्यमंत्री के इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की सियासत को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार अपने आरोपों के समर्थन में क्या कदम उठाती है और विपक्ष इस मुद्दे पर आगे क्या रणनीति अपनाता है। फिलहाल प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और बड़े घटनाक्रम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
Author: Shabd Agni
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