जांच समिति ने मंत्री को राहत देने वाली रिपोर्ट सौंपी, कांग्रेस ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल, भाजपा ने बताया विपक्ष का ‘राजनीतिक एजेंडा’
शब्द अग्नि / भोपाल। मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र विवाद पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समिति ने अपनी जांच में मंत्री को राहत देते हुए रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राहत की रिपोर्ट, लेकिन विवाद बरकरार
जांच समिति की रिपोर्ट में मंत्री प्रतिमा बागरी के खिलाफ कोई ऐसी अनियमितता सामने नहीं आने की बात कही गई है, जिससे तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो। हालांकि रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही विपक्ष ने इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर दी है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार जांच को पूरी तरह निष्पक्ष मानती है, तो रिपोर्ट सार्वजनिक करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपने मंत्रियों को बचाने का प्रयास कर रही है और पूरे मामले में पारदर्शिता जरूरी है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जांच समिति ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस बिना तथ्यों के केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए विवाद खड़ा कर रही है।
विधानसभा सत्र में गूंज सकता है मुद्दा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा सत्र में यह मामला जोर-शोर से उठ सकता है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है, जबकि सत्तापक्ष जांच रिपोर्ट का हवाला देकर अपने फैसले का बचाव करेगा। ऐसे में जाति प्रमाणपत्र का यह विवाद आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
Author: Shabd Agni
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