बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उठा आदिवासी धर्मकोड का मुद्दा, ग्रामीणों ने लिया जनजागरण का संकल्प
शब्द अग्नि / सचिन जैन
संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के लिए एकजुट होगा समाज, चारबन में लिया संकल्प
बैतूल। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को ग्राम चारबन में श्रद्धांजलि एवं संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां ग्रामीणों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति तथा अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान आगामी जनगणना 2027 में आदिवासी धर्मकोड को शामिल करने की मांग को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया गया।
मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि आदिवासी समाज अपनी संस्कृति, परंपरा, भाषा और अस्तित्व की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा तथा जनगणना 2027 में आदिवासी धर्मकोड लागू कराने के उद्देश्य से जनजागरण अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाएगा। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष बैतूल मुन्नालाल वाड़िवा के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। उनका संघर्ष आज भी समाज को अपने अधिकारों और पहचान के लिए एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है।
Author: Shabd Agni
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