शब्द अग्नि / प्रकाश पटेल
खण्डवा / स्वास्थ्य विभाग के अमले के आपसी समन्वय और डॉक्टर्स के अथक प्रयासों से हाईरिस्क गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की जान बचाई जा सकी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.डी. बकोरिया ने बताया कि खालवा विकासखण्ड के वनग्राम ढेमरिया गुलाई निवासी गर्भवती महिला अर्चना पति रोहित उम्र 20 वर्ष गंभीर सीवियर प्री-इक्लम्प्सिया अत्यधिक उच्च जोखिम वाली स्थिति से ग्रसित थी। डॉ. बकोरिया ने बताया कि गत दिनों वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलाई के निरीक्षण के लिए गये तो गर्भवती महिला अर्चना की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्होंने महिला और उसके परिजनों की काउंसलिंग की और उन्हें स्थिति की गंभीरता को समझाते हुए तत्काल उच्च स्तरीय उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय खण्डवा लाया गया।
अस्पताल स्टाफ की रही सराहनीय भूमिका
जिला अस्पताल में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. याचिका ने तत्काल सीजर करने का निर्णय लिया। डॉ. याचिका के साथ ही एनेस्थेटिक डॉ. दीक्षित व डॉ. अजेंद्र के अथक प्रयासों और सटीक उपचार से यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाने में सफलता मिली। पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद अर्चना और उसके नवजात शिशु को अस्पताल से शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों को उनके गृह ग्राम ढेमरिया तक पहुँचाने के लिए निःशुल्क 108 एम्बुलेंस वाहन की व्यवस्था की गई। डिस्चार्ज होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिला स्तर से महिला और बच्चे के स्वास्थ्य का लगातार फॉलोअप लिया जा रहा है, ताकि जच्चा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ रहें।
Author: Shabd Agni
.