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August 12, 2026 11:45 pm

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82वें दिन भी जारी रहा सीवन उद्धार अभियान,

सीहोर: सुंदर वन की सुंदरता लौटाने उतरी ‘सीवन पुत्र’ और ‘सीवन योद्धाओं’ की टीम; कचरा मुक्त कर दिया संदेश

रविवार सुबह 9 बजे से जुटा रहा दल, कचरा, पॉलीथिन और बोतलों से अटे सुंदर वन से निकाला डेढ़ ट्रॉली कचरा; मूल स्वरूप में लौटाने की अपील

शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया (सीहोर)

सीहोर / सीवन नदी के तट पर स्थित और प्रकृति के वरदान के रूप में मिला ‘सुंदर वन’ जो देखरेख के अभाव में उजड़ चुका था, उसे रविवार को एक नया जीवन मिला। स्वच्छता अभियान के तहत सीवन पुत्र और सीवन योद्धाओं की टीम ने सुबह 9 बजे से मोर्चा संभाला और पूरे परिसर को कचरा मुक्त कर दिया। टीम के ‘सीवन उद्धार’ अभियान का यह 82वां दिन था, जिसे उन्होंने श्रमदान के जरिए सार्थक बनाया।

डेढ़ ट्रॉली कचरा निकालकर चमकाया परिसर

कभी प्रकृति की गोद जैसा दिखने वाला सुंदर वन वर्तमान में पॉलीथिन, पाउच, कांच की बोतलें, सिगरेट के पैकेट और नमकीन के रैपरों से पूरी तरह पट चुका था। टीम ने दिनभर कड़ी मेहनत करके परिसर से लगभग डेढ़ ट्रॉली कचरा बाहर निकाला। इस अभियान के माध्यम से सीवन पुत्रों ने समाज से अपील की है कि सुंदर वन को उसके मूल और प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के लिए हर नागरिक आगे आए।

कभी सीहोर की शान था ‘सुंदर वन’: प्रदीप चावड़ा

सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने बताया कि साल 1990 में इस सुंदर वन का उद्घाटन किया गया था। कुछ सालों तक यह बेहद आबाद और खूबसूरत था। यहाँ विभिन्न प्रजातियों के पशु-पक्षी, मचान, झूले, फिसलपट्टी, फूलदार पौधे, मगरमच्छ और नौकायन जैसी सुविधाएं हुआ करती थीं, जो पर्यटकों को आकर्षित करती थीं। लेकिन समय के साथ यह पूरी तरह उजड़ गया। अब इसे फिर से विकास की दृष्टि से विकसित करने की सख्त जरूरत है।

प्रबुद्ध जनों ने बढ़ाया उत्साह, योद्धाओं का हुआ सम्मान

दिनभर चले इस अभियान में शहर के कई गणमान्य नागरिकों और समाजसेवियों ने पहुंचकर टीम का हौसला बढ़ाया।
सुबह समाजसेवी व योगाचार्य ब्रजेश पाराशर और समाजसेवी प्रदीप साबू ने सुंदर वन पहुंचकर सीवन योद्धाओं का सम्मान किया।

बचपन की यादें कीं साझा:

शाम को भोपाल से विशेष रूप से पधारे राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित दिलेर मोहम्मद खान और श्री राठौर ने टीम की सराहना की। दिलेर मोहम्मद खान ने सुंदर वन से जुड़ी अपनी बचपन की यादें साझा करते हुए सभी से इसे पुनर्जीवित करने का निवेदन किया।

शहर का गौरव वापस लाने की मांग

शाम को समाजसेवी मनीष गुप्ता अपनी धर्मपत्नी शिल्पी गुप्ता के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह जगह कभी सीहोर की शान थी, जहाँ बाहर से आने वाले मेहमानों को घुमाया जाता था। शिल्पी गुप्ता ने कहा कि अगर इसे दोबारा विकसित किया जाए, तो हमारे बच्चों को मनोरंजन के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

युवाओं को दिलाई स्वच्छता की शपथ

अभियान के दौरान सीवन पुत्र प्रकाश यादव और अशोक नामदेव ने उपस्थित युवाओं को सीवन नदी और सुंदर वन की स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित रहने की
गोपनीयता व निष्ठा की शपथ भी दिलवाई।

इस अभियान में रहा इनका सराहनीय योगदान

इस पुनीत कार्य और श्रमदान में सीवन पुत्र वैभव राठौर, कनीराम मालवीय, प्रदीप चावड़ा, प्रकाश यादव, लक्ष्मण सिंह चौकसे, कैलाश चव्हाण, अशोक नामदेव, सुरेश भगत, जगदीश वर्मा, लोकेश राय, अथर्व चावड़ा, नितिन मालवीय, कमल केवट, और राधेश्याम सहित अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने अपना सक्रिय योगदान दिया।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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