जिले के ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में पहल, पुरातत्व विभाग ने किया सर्वे
सेंधवा किला सहित प्राचीन मंदिरों का किया निरीक्षण, जल्द बनेगी डीपीआर
शब्द अग्नि / एजाज मंसूरी
बड़वानी, । जिले की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के निर्देशन में बुधवार को पुरातत्व विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। सर्वे का उद्देश्य क्षेत्र की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण, रख-रखाव एवं जीर्णोद्धार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।
सर्वेक्षण के दौरान टीम ने सेंधवा स्थित ऐतिहासिक किले, निवाली तहसील की ग्राम पंचायत वझर में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर तथा ग्राम फुलजवारी के प्राचीन शिव मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इन स्थलों की वर्तमान स्थिति का अवलोकन कर आवश्यक संरक्षण कार्यों की संभावनाओं का अध्ययन किया।
सेंधवा किले के निरीक्षण के दौरान किले परिसर में उगे पेड़ों, झाड़ियों तथा मंडी परिसर की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। सर्वे में यह पाया गया कि किले के मूल स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के लिए इसके जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य की आवश्यकता है। अधिकारियों ने किले की ऐतिहासिक संरचना को अक्षुण्ण रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण के आधार पर शीघ्र ही एक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। डीपीआर के माध्यम से संबंधित स्थलों पर संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की रूपरेखा तय की जाएगी।
जिला प्रशासन और पुरातत्व निदेशालय के मार्गदर्शन में आगामी समय में आवश्यक संरक्षण कार्यों को अमल में लाया जाएगा, जिससे जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
Author: Shabd Agni
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