शब्द अग्नि / धार। राम जैसी संतान के लिए घरो में कौशल्या जैसी माँ होना चाहिए। आज के युग में मां मोम और पिता डेड हो गए । संस्कारों की पहली सीख अपने घरों से ही मिलती हे । भगवान को माता पिता सखा सभी रूप में देखने को ही कुटुंब प्रबोधन माना जा सकता है। उक्त बाते ग्राम दर्शन राम दर्शन आयोजन के प्रथम दिवस ग्राम सिरसोदा में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर नरसिंह दास जी ने कही। उल्लेखनीय है कि ग्राम दर्शन राम दर्शन के नाम से किए जा रहे आयोजन में पंच परिवर्तन आधारित अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं इसी क्रम में आज सिरसोदा में तुलसी यात्रा भी निकाली गई जिसमें नन्ही बालिकाओं सहित महिला पुरुष माथे पर तुलसी पौधों को लिए नाचते गाते राम मंदिर तक पहुंचे। यात्रा का अनेक स्थानों पर स्वागत भी हुआ। स्थानीय राम मंदिर में महामंडलेश्वर जी सहित विभाग प्रचारक तेजरा , अरविंद चौधरी, अनिल बोरदिया, नवनीत जैन, रजनी यादव सहित सभी अतिथियों ने तुलसी पूजा कर वितरण प्रारंभ किया। तत्पश्चात मंच पर लाखनसिंह रघुवंशी, अशोक जोशी, राधेश्याम रघुवंशी, अर्जुन सिंह पवार, दिनेश सिंह रघुवंशी, मोहन सिंह पटेल, रमेश सिंह सोलंकी संलग्न ग्राम वासियों द्वारा संत श्री का सम्मान एवं स्वागत किया गया। आयोजन को संबोधित करते हुए ग्राम दर्शन-राम दर्शन के आयोजक नवनीत जैन ने स्वदेशी, सामाजिक समरसता, नागरिक अनुशासन, पर्यावरण ओर कुटुम्ब प्रबोधन के बिंदु से राम के आदर्शों को अपनाने की बात कही। आयोजन का संचालन कृष्णा सिंह सुनेर ने किया एवं आभार इंदर सिंह पंवार ने वयक्त किया।आयोजन में सैकड़ों ग्रामवासी एवम प्रस्फुटन समिति के सदस्य उपस्थित थे
Author: Shabd Agni
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