विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर कार्यशाला आयोजित
शब्द अग्नि मनोज जैन कलाकार
अशोकनगर। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के संबंध में सीएमएचओ डॉ. अल्का त्रिवेदी के निर्देशन में एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला का आयोजन एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में किया गया।
इस दौरान नोडल अधिकारी आरकेएसके कार्यक्रम डॉ रजनी छारी, डॉ आरके राहुल एमडी मेडिसिन जिला समन्वयक आरकेएसके आनंद मोहन माथुर, समस्त उमंग परामर्शदाता, मास्टर ट्रेनर साथिया कार्यक्रम, सरोज सक्सेना सिस्टर ट्यूटर, शाहिद खान मंसूरी मानसिक स्वास्थ्य, एएनएम स्टूडेंट्स एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग के अमले सहित उच्च शिक्षा विभाग से प्रोफेसर हिमांशी, महिला बाल विकास विभाग से सेक्टर सुपरवाइजर प्रियंका पंवार, आशा कार्यकर्ता, पियर एजुकेटर आदि उपस्थित रहे।
कार्यशाला में माहवारी से संबन्धित भ्रांतियों के बारे में डॉ रजनी छारी द्वारा विस्तार से बताया गया। किशोरावस्था में कदम रखते हुए ही लगभग 11 साल से माहवारी की शुरुआत किशोरियों में हो जाती है जो कि शारीरिक परिवर्तन की एक प्रक्रिया है। शरीर के हार्मोंस ऑर्गन्स घटते बढ़ते रहते हैं, उनमें परिवर्तन होता है। उसी दौरान बच्चेदानी में मुलायम परत तैयार हो जाती है। यह परत ज्यादातर खून की नन्ही-नन्ही कोशिकाओं से तैयार होती है। यह बालिकाओं के लिए एक जटिल रहस्य एवं अबूझ पहेली बन जाती है। जिसकी समझ किशोरियों में आमतौर पर नहीं रहती। माहवारी का चक्र 28 दिन का होता है। माहवारी की प्रक्रिया किशोरी व महिलाओं को मां बनने में परिपक्व करती है।
Author: Shabd Agni
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