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यूसीसी के विरोध में एआईएमआईएम की पैदल यात्रा

प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने  इंदौर बैठक में पार्टी पदाधिकारियों से साथ किया मंथन 

शब्द अग्नि / इंदौर। समान नागरिक संहिता को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत में हलचल तेज होती नजर आ रही है। यूसीसी के विरोध में एआईएमआईएम ने पैदल मार्च निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर प्रस्तावित मार्च की रणनीति और तैयारियों पर विचार-विमर्श किया उक्त पैदल यात्रा को लेकर समस्त रूप रेखा बनती दिखाई दे रही हैं संभवतः जल्द ही इस संबंध में घोषणा कर दी जाएगी  । बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

पैदल मार्च की रणनीति पर हुआ मंथन

बैठक में यूसीसी के विरोध को प्रभावी ढंग से सामने रखने, अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्रस्तावित पैदल मार्च को सफल बनाने को लेकर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की संगठनात्मक स्थिति और तैयारियों की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष रखी। एआईएमआईएम की ओर से कहा गया कि यूसीसी के मुद्दे पर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी। बैठक के बाद यह संकेत मिले कि अब पार्टी इस मुद्दे को बयानों तक सीमित रखने के बजाय सड़क तक ले जाने की तैयारी में है।

प्रदेश सरकार ने ऐसे आगे बढ़ाया यूसीसी

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विधेयक का मसौदा तैयार कराया। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद यूसीसी विधेयक विधानसभा में पेश किया गया और 21 जुलाई 2026 को विधानसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और साथ रहकर जीवन बिताने जैसे विषयों के लिए समान प्रावधान किए गए हैं। हालांकि विधानसभा से पारित होने के बाद इसे कानून के रूप में प्रभावी बनाने के लिए राज्यपाल की मंजूरी और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। यानी सरकार ने यूसीसी की गाड़ी विधानसभा से आगे तो बढ़ा दी है, लेकिन उसे अंतिम मंजिल तक पहुंचने के लिए अभी कुछ संवैधानिक पड़ाव पार करने बाकी हैं।

प्रदेश अध्यक्ष का किया भव्य स्वागत 

प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के आगमन पर खलील मुल्तानी के नेतृत्व में फैसल शेख, जावेद पठान और बंटी टापिया की टीम ने उनका भव्य स्वागत किया। फूलमालाओं और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया। स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह और कार्यक्रम को लेकर सक्रियता दिखाई दी।

बैठक में खरगोन से पार्षद पति अदीब बाबा, अल्ताफ खान, पार्षद शकील खान, मोहसिन खान, समीर अली, रफीक मंसूरी फारूक मंसूरी बुरहानपुर से नफीस मंशा, सेंधवा से हारून शेरी, नौशाद, एजाज मंसूरी, अली पप्पू, गुल मोहम्मद पटेल, शाजापुर से डॉ. फारूक शेख सहित इंदौर से पूर्व शहर अध्यक्ष कारी जाकिर, पूर्व जिलाध्यक्ष कलीमुल्लाह, अरशद शेख, तबरेज मंसूरी, इमरान अहमद, रेहान अहमद, असलम उस्ताद और समीर अंसारी समेत उज्जैन, रतलाम, देवास, आष्टा, आगर-मालवा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यूसीसी पर भी कांग्रेस की खामोशी 

बैठक में यूसीसी के मुद्दे पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई। एआईएमआईएम नेताओं का आरोप है कि मुस्लिम समाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कांग्रेस की आवाज उतनी मुखर नहीं दिखाई दे रही, जितनी एक विपक्षी दल से अपेक्षा की जाती है।

इसी को लेकर सियासी तंज भी सामने आ रहा है कि मुद्दा गर्म है, सियासत गर्म है, लेकिन कांग्रेस शायद अभी यह तय करने में लगी है कि सड़क पर उतरना है या सिर्फ बयान जारी करके काम चलाना है। एआईएमआईएम को कांग्रेस की कथित खामोशी में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने का अवसर नजर आ रहा है।

 विरोध के साथ संगठन की परीक्षा

प्रस्तावित पैदल मार्च एआईएमआईएम के लिए केवल यूसीसी के विरोध का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश में संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की सक्रियता दिखाने का अवसर भी माना जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी पार्टी के संगठनात्मक विस्तार का संदेश दे सकती है।

वहीं कांग्रेस के सामने भी राजनीतिक सवाल खड़ा होता है। सियासत का मैदान खाली हो तो कोई न कोई खिलाड़ी वहां उतरता ही है। एआईएमआईएम का यह कदम इसी राजनीतिक खाली जगह को भरने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

अब निगाहें पैदल मार्च पर

फिलहाल एआईएमआईएम ने यूसीसी के खिलाफ प्रस्तावित पैदल मार्च की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में हुई बैठक और प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारियों की भागीदारी से पार्टी के भीतर कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रस्तावित मार्च में कितने कार्यकर्ता और समर्थक सड़क पर उतरते हैं और यूसीसी के मुद्दे पर एआईएमआईएम का यह सियासी कदम मध्यप्रदेश की राजनीति में कितनी हलचल पैदा करता है।

Shabd Agni
Author: Shabd Agni

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