औद्योगिक संस्थानों के लिए धारा 163 के तहत जारी किए प्रबंधात्मक आदेश
शब्द अग्नि/आशीष बृजेश द्विवेदी
सिंगरौली, आगामी मानसून में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए कलेक्टर सिंगरौली श्री गौरव बैनल ने जिले की सभी कोयला खदानों, ताप विद्युत गृहों, ऐश डाइक संचालकों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी किए हैं। विगत वर्षों में वर्षा ऋतु के दौरान राख, स्लरी, मिट्टी और खदान जल के रिसाव व ओवरफ्लो से ग्रामीण बस्तियों, कृषि भूमि और जनजीवन को हुई भारी क्षति को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। जिला आपदा प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक के बाद जन-सुरक्षा, जन-स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
आदेश के तहत सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने ऐश डाइक, ओवरबर्डन डम्प और जल निकासी तंत्र का तुरंत निरीक्षण कर उनकी मजबूती सुनिश्चित करनी होगी। समस्त गारलैंड ड्रेन और नालों की सफाई कर निर्बाध जल निकासी की व्यवस्था करने तथा आबादी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्टिव बंड्स बनाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंपनियों को चौबीसों घंटे (24×7) सक्रिय रहने वाली ‘आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम’ गठित करनी होगी और पर्याप्त मात्रा में जेसीबी, पोकलेन, पम्प व रेत की बोरियाँ जैसे संसाधन तैयार रखने होंगे। इस आदेश के तहत की गई कार्यवाही की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट सभी संस्थानों को 07 दिनों के भीतर जिला दण्डाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
श्री बैनल ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने, लापरवाही बरतने या भ्रामक रिपोर्ट देने पर संबंधित कंपनी प्रबंधन, परियोजना प्रमुख और खदान प्रबंधक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 और प्रदूषण निवारण अधिनियमों के तहत कड़ी दाण्डिक व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, किसी भी दुर्घटना से होने वाले नुकसान, राहत कार्य और पर्यावरण बहाली का पूरा खर्च संबंधित परियोजना से ही वसूला जाएगा तथा अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय होगी
Author: Shabd Agni
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