“पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना”
दैनिक शब्द अग्नि / प्रकाश पटेल
खंडवा / प्रदेश के पिछड़े वर्ग के युवा “पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना” के माध्यम से विदेश में पढ़ाई करने के अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार उन मेधावी और होनहार युवाओं को एक मजबूत आर्थिक संबल प्रदान करती है, जो प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन आर्थिक सीमाओं के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित ‘पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’ प्रदेश के युवाओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पोस्ट-ग्रेजुएशन, पीएचडी या रिसर्च की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस का भुगतान शासन द्वारा किया जाता है। पढ़ाई के खर्च के साथ-साथ रहने और यात्रा का खर्च भी सरकार वहन करती है। इस योजना में निर्वाह भत्ता अर्थात लिविंग अलाउंस, आकस्मिक व्यय, स्वास्थ्य बीमा, वीज़ा शुल्क और विदेश जाने-आने का इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा का खर्च भी शामिल है।
योजना के लिए पात्रता
मध्यप्रदेश के मूल निवासी और पिछड़ा वर्ग के नॉन क्रीमी लेयर श्रेणी के विद्यार्थियों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाता है। पिछड़े वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने पिछली परीक्षा प्रथम श्रेणी में कम से कम 60 प्रतिशत अंको के साथ उत्तीर्ण की हो। आवेदक की आयु 35 वर्ष से कम होना चाहिए। विद्यार्थी ने विदेश के किसी मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या संस्थान में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो तो वह इस योजना के लिए पात्र रहेंगे।
Author: Shabd Agni
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