कांग्रेसी नेताओं में नहीं दिख रहा समन्वय खुद को ठगा सा महसूस करता आम कार्यकर्ता
शब्द अग्नि / यासिर पठान
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में आपसी समन्वय की जो कमी थी वो अब सार्वजानिक रूप से सामने आ गई है मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच की वर्चस्व को लेकर चल रही खींचतान खुल कर सामने आती दिख रही है यहाँ तक की मीडिया के सामने भी दोनों कांग्रेसी नेता एक दूसरे को तू तड़क से बोलते नजर आए
इस तरह हुई तु-तु मैं-मैं
ज्ञात हो कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर अपनी फजीहत करवा चुकी प्रदेश कांग्रेस इसी मामले में लीपापोती करने नटराजन के रद्द हुए नामांकन के विरोध में चुनाव आयोग (EC) दफ्तर के बाहर रातभर धरने पर लेटे थे इसी मामले में जब मीडिया ने कांग्रेस नेताओं से बात करना चाही तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक जीतू पटवारी ने कहा उमंग से पूछो उमंग कहां है उमंग को बुलाओ वही उमंग सिंघार ने भी सबके के सामने पटवारी से तू तड़ाक से कहा कि तु बता से तू ही बता दे अब इस तरह दोनों बड़े नेताओं द्वारा सार्वजनिक तौर पर एक दूसरे से तू तड़ाक से बोलने पर पार्टी में क्या ही अनुशासन होगा आप खुद सोच सकते है
खुद को ठगा सा महसूस करता आम कांग्रेसी कार्यकर्ता
पिछले कई सालों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की आपसी खींचतान का खामियाजा भुगत रहा आम कार्यकर्ता खुद को ठगा सा महसूस करता है इसी आपसी खींचतान की वजह से ही लगभग बीस साल बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस महज 18 महीने में ही सत्ता से हाथ धो बैठी थी आज भी कांग्रेस का जमीनी कार्यकर्ता कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जी जान लगा था है वहीं कांग्रेस के बड़े नेता पार्टी एसी वाली गाड़ियों न घूम कर सिर्फ अपना अपना देख रहे है
Author: Shabd Agni
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