शब्द अग्नि l/राज ठाकुर बाड़ी बाड़ी। मोहर्रम के दूसरे दिन शनिवार को पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के प्यारे नवासे हजरत इमाम हुसैन साहब की याद में ताजिया और बुर्राक का जुलूस निकाला गया। डीजे, ढोल-ताशों, अखाड़ों के साथ निकले जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। सुबह 11 बजे वार्ड-10, इंदिरा कॉलोनी स्थित मैदान से ताजिया जुलूस प्रारंभ हुआ।
इससे पहले जिया और बुर्राक अपने-अपने स्थानों से उठकर इंदिरा कॉलोनी मैदान में एकत्रित हुए, जहां कई दिनों से मुस्लिम समुदाय का जलसा और अखाड़ा चल रहा था। जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ बाड़ी कला पहुंचा। अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया। बाड़ी कला में अखाड़ों के उस्तादों, सामाजिक लोगों का सम्मान किया गया।
Author: Shabd Agni
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