शब्द अग्नि / हिमालय गोहिया
सीहोर, हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाता है। बाला जी ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन नाग देवता की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।
प्राचीन समय से नाग पंचमी के दिन कई परंपराएं निभाई जा रही हैं, जिनमे एक सबसे अधिक प्रमुख है नाग पंचमी के दिन रसोई घर में तवा और कड़ाही न चढ़ाना। इस दिन गर्म तवे पर रोटी पकाना या कड़ाही में तलना-भूनना अशुभ माना जाता है
ज्योतिष शास्त्र और लोक परंपराओं के अनुसार नाग पंचमी का दिन नाग देवताओं की पूजा और तृप्ति का दिन होता है। तवे की आकृति को नाग के फण के समान माना जाता है। इस दिन अग्नि पर सीधा तवा चढ़ाना या रोटी पकाना तवे (नाग रूप) को दुखी करने के समान माना गया है।
पंडित शर्मा का मत है कि इस दिन चूल्हे पर तवा चढ़ाने से घर में राहु-केतु का दोष और मानसिक अशान्ति उत्पन्न होती है। यही कारण है कि नाग पंचमी के दिन तवे पर रोटी बनाने के बजाय पूरी, हलवा या कड़ाही में बनने वाले अन्य पकवान बनाने की परंपरा है। इसी वजह से नाग पंचमी के दिन गर्म तवे पर रोटी पकाना या कड़ाही में तलना-भूनना वर्जित है।
भूलकर भी न करें ये काम
जमीन की खुदाई न करें-* नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस काम को करने से अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं, क्योंकि पाताल और मिट्टी में नागों का वास माना जाता है। ऐसे में जमीन की खुदाई करने से उन्हें चोट लग सकती है।
धारदार और नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें-* इसके अलावा नाग पंचमी के दिन सुई-धागे का का प्रयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए। साथ ही चाकू से सब्जी नहीं काटना चाहिए। इस काम नाग पंचमी के दिन करना अशुभ माना जाता है।
तामसिक भोजन का सेवन न करें- नाग पंचमी के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। इसके अलावा किसी से वाद-विवाद न करें। साथ ही किसी के बारे में गलत न सोचे ।
Author: Shabd Agni
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