कम बारिश की आशंका के बीच किसान संतोष ठाकरे ने दिखाई नई राह
शब्द अग्नि/ सीमान्त राव बन्सोड़ बालाघाट – जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित मानसून के दौर में बालाघाट जिले के प्रगतिशील किसान नई परिस्थितियों के अनुरूप खेती की दिशा बदलकर मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं। बालाघाट विकासखंड के ग्राम चांगोटोला निवासी प्रगतिशील कृषक संतोष ठाकरे ने इस वर्ष संभावित कम वर्षा को देखते हुए परंपरागत धान की खेती के स्थान पर 12 एकड़ क्षेत्र में अरहर की फसल बोकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं सलाह पर अमल करते हुए श्री ठाकरे ने सुपर सीडर मशीन की सहायता से अरहर की बोनी की है। उनका मानना है कि बदलते मौसम और जल संकट की परिस्थितियों में ऐसी फसलों को अपनाना समय की आवश्यकता है, जिनमें कम पानी की जरूरत हो और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।
अरहर एक ऐसी दलहनी फसल है, जो धान की तुलना में काफी कम पानी में तैयार हो जाती है। इसके साथ ही यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक होती है तथा किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने से आय में वृद्धि होती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कम वर्षा की स्थिति में अरहर जैसी फसलें किसानों के लिए अधिक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प साबित हो सकती हैं।
Author: Shabd Agni
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