रतलाम में ईद-ए-मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया, पार्षद नासिर कुरैशी की अचानक मौत
शब्द अग्नि/संवाददाता
रतलाम। ईद-ए-मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर बुधवार को शहर में मुस्लिम समाज द्वारा जुलूस निकाला गया। जुलूस आबकारी चौराहे से शुरू होकर मुख्य बाजार और पैलेस रोड से होते हुए शेरानीपुरा की ओर बढ़ा। जुलूस में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। नौजवानों, बुजुर्गों और बच्चों की भी मौजूदगी रही। पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
तेज आवाज के कंपन से हार्ट अटेक
इसी दौरान जुलूस में शामिल कुरैशी मंडी निवासी एवं क्षेत्र के कांग्रेस पार्षद नासिर कुरैशी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन एवं आसपास मौजूद लोग उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच एवं परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक (हृदयाघात) बताया है।
तेज डीजे साउंड और कंपन को लेकर उठे सवाल
जुलूस के दौरान डीजे एवं साउंड सिस्टम की तेज आवाज को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जुलूस में तेज आवाज में डीजे बज रहा था और आसपास के क्षेत्रों में कंपन भी महसूस किया जा रहा था। तेज ध्वनि का प्रभाव इतना अधिक था कि कुछ युवा कानों में उंगलियां डालकर चलते नजर आए।
प्रशासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास किए जाने के बावजूद जुलूस के दौरान तेज डीजे साउंड पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। घटना के बाद तेज ध्वनि और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है
हर वर्ग के लोग जुलूस में हुए शामिल
ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी थी। हालांकि, पार्षद नासिर कुरैशी की अचानक हुई मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों, परिजनों और परिचितों में घटना को लेकर गहरा दुख है।
घटना ने एक ओर जहां शहरवासियों को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर जुलूसों में ध्वनि की तीव्रता, स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तेज आवाज से असहजता और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है, इसलिए सार्वजनिक आयोजनों में निर्धारित ध्वनि सीमा और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है।
नोट: पार्षद की मौत के कारण के संबंध में अस्पताल/प्रशासन की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष माना जाना चाहिए।
Author: Shabd Agni
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